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वाराणसी

ये है CM योगी की पुलिस,पशु तस्करी की सूचना देने वाले को ही भेजा दिया जेल

ग्रामीणों ने दी धमकी, अब नहीं करेंगे पुलिस का सहयोग।

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वाराणसी. एक तरफ केंद्र और यूपी सरकार गोवंश की रक्षा करने का ढिंढोरा पीटने से बाज नहीं आ रही। गोवंश की रक्षा के नाम पर मॉब लिंचिंग में जाने कितने लोगों की जान चली गई। यूपी पुलिस और खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश की रक्षा के लिए खुद को संकल्पित बताते हैं। वहीं वाराणसी पुलिस ठीक इसके उलटे ही काम कर रही है। हाल यह है कि एक तरफ संगीन अपराध लगातार हो रहे हैं। खुलासा तो दूर अपराधियों की शिनाख्त तक नहीं हो पा रही है। अपराधी बेखौफ अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। वहीं जिन एकाध मामलों का खुलासा हो भी जा रहा है जिस पर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती नजर आती है, आला अफसर स्टॉफ को सम्मानित करते हैं। लेकिन हकीकत इससे कुछ अलग ही है, जिन कुछ मामलों का खुलासा पुलिस कर रही है उसमें ग्रामीणों का अंशदान कहीं ज्यादा है। लेकिन पुलिस उन्हें ही आरोपी बना कर जेल भेजने में जुट गई है। आलमय यह है कि जिन कुछ मामलों की शिकायत गांव वाले पुलिस से करते रहें पुलिस उन्हीं को मुजरिम करार देने पर तुली है। ऐसा ही एक वाकया चोलापुर के दानगंज इलाके में सामने आया है। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने रविवार को दानगंज पुलिस चौकी की घेराव किया।

आखिर क्यों पुलिस ने मेरे बेटे को भेजा जेल
चोलापुर थाना क्षेत्र के भीदुर गांव के रहने वाले बुधराम ने दानगंज चौकी पर घेराव के समय मीडिया और स्थानीय लोगों से पूछा कि पुलिस को यदि पशु तस्करी की सूचना दे दी गई तो मेरे पुत्र को जेल क्यों भेज दिया? क्या सूचना देना गुनाह है? ऐसे में इन लोगों की मदद कौन करेगा?

दानगंज पुलिस ने पशु तस्करी के लिए भेजा था जेल
दानगंज चौकी के अंतर्गत भिदुर गांव में पकड़ी गई गायों को पुलिस ने गोकशी के नाम पर पकड़ते हुए चार लोगों को जेल भेजा था जिसमें विदुर गांव युवक छविनाथ भी था।

तस्करी के नाम पर ये लोग गए थे जेल
पशु तस्करी के मामले में चोलापुर पुलिस ने चार लोगों को जेल भेजा था जिसमें विनोद उमाशंकर मुकेश छविनाथ का नाम शामिल हैं।

चारपाई से उठा लाई थी पुलिस
भिदुर गांव के लोग उर्मिला ममता आशा निर्मला कृष्णावती शीला सेतु बनवारी ने कहा की पशुतस्करी की सूचना देने वाले व्यक्ति को स्थानीय चौकी दानगंज की पुलिस घर पर सोते समय युवक को देर रात पकड़कर लाई और सुबह गोकशी के आरोप में जेल भेज दिया।

कहां गई गाय किस को सौंपी, बताए पुलिस
दानगंज चौकी पर पशु तस्करी के नाम पर पकड़ी गईं गायों को लेकर भिदुर गांव के लोग तरह-तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि गाय सूचना के आधार पर पकड़ाई गई और पकड़े गए लोगों को जेल भेजा गया। नियमतः गायों को गौशाला भेजना चाहिए। अस्थाई तौर पर गाय किसको दी गई है? उसका तस्करों से कोई संबंध तो नहीं रहा? स्थानीय स्तर पर गाय पुलिस ने क्योंकि सौपा?

पुलिस के आला अधिकारी करें कार्रवाई
भिदुर गांव के ग्रामीणों ने नाराजगी भरे शब्दों में कहा कि पुलिस को सूचना देने पर यदि जेल भेजने की प्रथा है तो अब सूचना कोई नहीं देगा नहीं तो पुलिस के आला अधिकारी निर्दोष लोगों पर पुलिस कार्रवाई को वापस लेते हुए पुलिस से जुड़े लोगों पर कार्रवाई करें।