
V N Mishra
वाराणसी. एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में पहली बार शामिल हो कर अर्थ गंगा का नारा दे गए कानपुर में। उन्होंने कहा कि गंगा में गिर रहा कचरा रोका, नाले घटे लेकिन आगे भी काम करना होगा। पीएम जब यह सब कानपुर में बोल रहे थे, उसी वक्त बनारस के गंगा प्रेमी यूपी की राजधानी लखनऊ में गंगा की दुर्दशा के खिलाफ धरना दे रहे थे। उन्होंने लखनऊ के लोगों को बताया कि किस तरह से बनारस में मां गंगा पिछले 6 साल में ज्यादा प्रदूषित हुई हैं। इसके अगले ही दिन यानी रविवार को वह पहुंच गए दिल्ली और यमुना की बदहाली को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोल दिया। गंगा प्रेमी प्रो विजय नाथ मिश्र ने ट्वीट कर कहा है कि राजनीतिक दल व नेता नदियों के नाम पर केवल राजनीति कर रहे हैं।
संकट मोचन फाउंडेशन से जुड़े न्यूरोलॉजिस्ट प्रो मिश्र ने शनिवार को लखनऊ के लोगों को बताया था कि मोदी सरकार पिछले 6 वर्षों में सिर्फ वाराणसी में गंगा सफाई के लिए अरबों रुपये खर्च कर चुकी है। इसके बाद भी गंगा की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वाराणसी में गंगा में अब भी 40 नालो का पानी गिर रहा है। जिसके चलते गंगा का पानी बेहद प्रदूषित हो गया है। पानी मे आर्सेनिक, एल्मोनियम, क्रोमियम जैसे खरनाक तत्व की मात्रा बढ़ती जा रही है। जिसके कारण नदी के किनारे रहने वाले लोगों में पार्किशन, डिमेंशिया जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
इसके अगले ही दिन जब वह दिल्ली पहुंचे तो एक के बाद एक तीन ट्वीट कर कहा, शर्म से, झुक गया सर। आज शाम को, मैं दिल्ली के वज़ीराबाद से जब, यमुना जी के नमूने लेने गया, तो वहां बहता ये विशालकाय नाला और यमुना नदी के दुर्गंध से, मैं हिल गया। उल्टी आ गई। इतना बुरा हाल मां यमुना का। कौन ज़िम्मेदारी लेगा?
इसके बाद उन्होने एक और ट्वीट किया यमुना= सीवेज? देश के राजधानी दिल्ली में। आज शाम की ये विडेओ, हम सबको शर्मसार करने के लिए, काफ़ी! समझ में नहीं आता, कि आख़िर, @ArvindKejriwal @cleanganganmcg दिल्ली सरकार क्या कर रही है? क्या राजनीतिक पार्टियां, नदियों के सुंदर चित्र दिखा के केवल चुनाव जीतना चाहते हैं?
Updated on:
15 Dec 2019 06:15 pm
Published on:
15 Dec 2019 06:15 pm
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