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बेटी जैसा मानने का दिया था भरोसा, दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद

सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के एक चर्चित मामले में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी रमेश को 20 साल कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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Court Order

प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini )

सोनभद्र के जुगैल थाना क्षेत्र के एक चर्चित मामले में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी रमेश को 20 साल कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की रकम में से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।

चार साल पुराना मामला

यह मामला मार्च 2021 का है। पीड़िता के पिता ने पुलिस में दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी थी। कक्षा-7 में पढ़ने वाली चौथी बेटी को पट्टीदार रमेश ने अपनी संतान मानकर पालन-पोषण और शादी की जिम्मेदारी लेने का झांसा दिया था। लेकिन घर ले जाने के बाद उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म करना शुरू कर दिया।

गर्भ ठहरने पर दबाव और धमकी

अभियोजन पक्ष के अनुसार, रमेश की हरकतों से पीड़िता गर्भवती हो गई। आरोप है कि उसने दवा खिलाकर गर्भपात करवा दिया और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से मार देगा। इसके बाद किशोरी को अपने साढ़ू के घर छोड़ दिया, जहां उसने अपनी मां और मौसी को पूरी घटना बताई।

पुलिस जांच और कोर्ट का फैसला

पुलिस ने विवेचना पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाहों के बयान पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने रमेश को दोषी करार दिया।

अतिरिक्त कैद का आदेश

कोर्ट ने कहा कि दोषी यदि जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे एक महीने की अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी। वहीं, पीड़िता को मुआवजे के रूप में 40 हजार रुपये दिए जाने का आदेश दिया गया है।

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