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छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैंलेंद्र का नाइट मार्केट की दुकानें निजी एंजेंसी को देने का विरोध जारी, PM से मिलने का मांगा समय

वाराणसी छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैंलेंद्र सिंह का लहरतारा-चौकाघाट फ्लाइओवर के नीचे नाइट मार्केट की दुकानें निजी एंजेंसी को देने का विरोध जारी है। इस क्रम में उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री के वाराणसी स्थित संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंप कर नाइट मार्केट की दुकानें निजी एजेंसी के बजाय स्थानीय रेहड़ी-पटरी वालों को देने की मांग की। इस संबंध में बनारस आ रहे प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा।

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पीएम के वाराणसी संसदीय क्षेत्र कार्यालय में ज्ञापन सौंपते छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह

पीएम के वाराणसी संसदीय क्षेत्र कार्यालय में ज्ञापन सौंपते छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह

वाराणसी. छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह का लहरतारा-चौकाघाट फ्लाइओवर के नीचे नाइट मार्केट की दुकानें निजी एंजेंसी को देने का विरोध जारी है। इस क्रम में उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री के वाराणसी स्थित संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेंद्र मोदी से अपील की कि नाइट मार्केट की दुकानें निजी एजेंसी को सौंपने के स्थानीय प्रशासन की योजना पर गौर करें। नाइट मार्केट की दुकानें स्थानीय रेहड़ी-पटरी वालों को आवंटित की जाए ताकि वो अपने परिवार का अच्छी तरह भरण-पोषण कर सकें। बच्चों को शिक्षित कर सकें। बता दें कि शैलेंद्र सिंह इस मसले पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिल कर अपनी बात रख चुके हैं। नगर निगम के समक्ष सांकेतिक धरना दे चुके हैं। नगर आयुक्त और सहायक आयुक्त को ज्ञापन सौंप चुके हैं। लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हुई।

सिंह ने नाइट मार्केट की दुकानों के आवंटन मामले में पीएम से मिलने का समय मांगा

सिंह ने प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय पहुंच कर प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र कार्यालय प्रभारी शिवशरण पाठक को सौंपा और प्रधानमंत्री से 7 जुलाई को मिलने का समय मांगा। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि वाराणसी स्मार्ट सिटी की ओर से चौकाघाट-लहरतारा फ्लाइओवर के नीचे नाईट मार्केट बसाया जा रहा है। इसमें 54 दुकानें बनी हैं। इसे एक निजी कंपनी को आवंटित किया जा रहा है जो गरीबों के प्रति अन्याय है। इससे बेरोजगारों को रोजगार के अवसर नहीं मिलेंगे। निजी कंपनी मनमानी करेगी। इस मुद्दे पर हमने मंडलायुक्त व नगर आयुक्त से मुलाकात की थी। जिम्मेदार दोनों अधिकारियों से दुकानों का आवंटन निजी कंपनी को नहीं करने की गुजारिश किया था। पत्र के माध्यम से आपके संसदीय जनसंपर्क कार्यालय को अवगत कराया था। मुख्यमंत्री कार्यालय तक बात रखा था लेकिन अब तक स्मार्ट सिटी की ओर से आवंटन का प्रारूप नहीं बदला गया।

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पीएम से व्यक्तिगत तौर पर हस्तक्षेप की मांग

छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष ने पीएम से इस अति संवेदनशील मसले पर व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने की अपील की है। कहा है कि गरीबों की खातिर हस्तक्षेप कर नाइट मार्केट की दुकानों के आवंटन प्रारूप बदलवाने की कृपा करें। इससे ठेला पटरी कारोबारियों को एक बेहतरीन मौका मिल सकेगा। अनुरोध यह है कि सात जुलाई को काशी प्रवास के दौरान एक छोटी सी मुलाकात का अवसर दे दें तो आपके समक्ष हमारे साथ स्थानीय गरीब ठेला पटरी कारोबारी का एक प्रतिनिधिमंडल पूरी बात रख सकें जिससे गरीबों को न्याय मिल सके।