
श्रद्धालुओं को ‘सर-मैडम’ कहकर संबोधित करेंगे पुलिसकर्मी, हाथ जोड़कर करेंगे अभिवादन (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Kashi Vishwanath Dham: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं को केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि विशेष सम्मान और संवेदनशील व्यवहार का अनुभव भी मिलेगा। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर मंदिर क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को सॉफ्ट स्किल का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अब ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को ‘सर’ और ‘मैडम’ कहकर संबोधित करेंगे और हाथ जोड़कर उनका स्वागत करेंगे।
मंदिर परिसर स्थित त्र्यंबकेश्वर हॉल में आयोजित बैठक में सुरक्षा और व्यवहार संबंधी दिशा-निर्देश तय किए गए। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि यहां आने वाला हर श्रद्धालु सम्मान, सुरक्षा और सहयोग का अधिकारी है। महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा और सहयोग की भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रवेश द्वारों पर तैनात पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन करें। किसी भी स्थिति में कठोर भाषा, अपशब्द या अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। लंबी कतारें, सुरक्षा जांच और भीड़ प्रबंधन के बीच कई बार तनावपूर्ण स्थिति भी बन जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने इस बार ‘सुरक्षा के साथ सम्मान’ की नीति अपनाई है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूरदराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति अतिरिक्त संवेदनशीलता बरती जाए। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहयोग और मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिर क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें शिष्टाचार, संवाद शैली, भीड़ में धैर्य बनाए रखना और तनाव प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। प्रशिक्षण के दौरान यह समझाया गया कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। अधिकारियों का मानना है कि पुलिस का सकारात्मक व्यवहार श्रद्धालुओं के अनुभव को सुखद बनाएगा और मंदिर परिसर की गरिमा भी बढ़ाएगा।
मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कंट्रोल रूम में की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। यदि किसी स्तर पर किसी पुलिसकर्मी की ओर से अभद्रता, अनुचित आचरण या लापरवाही पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो और श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।
महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन और मेडिकल सहायता केंद्रों की व्यवस्था की गई है।श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु निर्धारित मार्गों का पालन करें और सहयोग बनाए रखें।
इस पहल को लेकर श्रद्धालुओं में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई लोगों का मानना है कि तीर्थ स्थलों पर पुलिस का व्यवहार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि स्वागत मुस्कान और सम्मान के साथ हो, तो आध्यात्मिक अनुभव और भी सुखद बन जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम काशी की अतिथि-देवो-भवः परंपरा के अनुरूप है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में शहर और प्रशासन की सकारात्मक छवि बनेगी।
महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को संतुलित रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ शालीन व्यवहार बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन इस बार पुलिस प्रशासन ने इसे प्राथमिकता दी है। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सेवा भाव से किया गया व्यवहार ही सच्ची ड्यूटी है। श्रद्धालु जब सम्मान महसूस करेंगे, तो व्यवस्था बनाए रखने में भी सहयोग करेंगे। इस प्रकार की पहल से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। काशी विश्वनाथ धाम देश के प्रमुख आध्यात्मिक केंद्रों में से एक है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं का अनुभव जितना बेहतर होगा, उतनी ही सकारात्मक छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी।
Updated on:
14 Feb 2026 08:21 pm
Published on:
14 Feb 2026 08:21 pm
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