
वाराणसी. देश के कुछ राज्यों में में बाढ़ से लोग बेहाल है तो पूर्वांचल में आशा के अनुरूप बारिश नहीं होने से किसान परेशान है। पिछले दो दिनों से धूप के सख्त तेवर ने सावन में ज्येष्ठ जैसा मौसम कर दिया है। आसमन में हल्के बादल भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
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पूर्वांचल में अभी तक मानसून की सामान्य बारिश नहीं हुई है। बनारस की स्थिति और खराब है। यहां पर एक साथ बड़े क्षेत्र में झमाझम बारिश नहीं हो रही है। 17 व 18 अगस्त का मौसम बेहद रुखा बना हुआ है। सुबह से ही धूप व उमस लोगों को परेशान कर रही है। कुछ दिन पहले हुई बारिश से किसानों ने धान की बोआई तो कर दी थी लेकिन अब उन्हें बचाये रखना कठिन साबित हो रहा है। पूर्वांचल में पानी की कमी से धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है। आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 34.7 व न्यूनतम 27.6डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वेबसाइट में रविवार तक मौसम का यही हाल रहने की संभावना जतायी जा रही है। सावन के अंतिम सोमवार को बादल मेहरबान हो सकते हैं या फिर किसी क्षेत्र में नमी व गर्मी के चलते बारिश भी हो सकती है।
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चुनावी साल में मौसम का यह हाल बीजेपी की बढ़ा सकता है परेशानी
पीएम नरेन्द्र मोदी लगातार किसानों की आय बढ़ाने की बात कर रहे हैं। जबकि दूसरी तरफ पीएम के संसदीय क्षेत्र बनारस में कम बारिश होने से किसानों की आय प्रभावित हो सकती है। अभी तक की स्थिति किसानों के अनुकूल नहीं है। सावन के बाद भादो भी बचा है। लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी व महागठबंधन दोनों ही किसानों की स्थिति को मुद्दा बनाने की तैयारी में है। अब देखना है कि चुनावी साल में पूर्वांचल के किसानों पर मौसम कितना मेहरबान रहता है।
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