
मामले में पुलिस को लगभग तीन दशक पहले हुए हत्याकांड से जुड़ा इनपुट मिला है। इसी के आधार पर वाराणसी पुलिस ने राजेंद्र के भतीजे समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। अब पुलिस ने इन सभी से पूछताछ शुरू कर दिया है।
पुलिस अब इस मामले को 28 साल पहले हुए हत्याकांड से जोड़कर देख रही है। पुलिस को मिली लीड के मुताबिक 28 साल पहले हुए हत्याकांड से ये मामला जुड़ा हुआ है। इस वारदात को अंजाम देने के लिए शूटर बुलाए गए थे। अब पुलिस की टीमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु और गुजरात में भी छापेमारी कर रही हैं।
आपको बता दें कि 28 साल पहले शराब के ही कारोबार को लेकर राजेंद्र का उनके पिता और भाई के साथ विवाद हुआ था। विवाद में राजेंद्र गुप्ता ने पिता, पिता के गनर, छोटे भाई कृष्णा और भयाहु मंजू की गोली हत्या कर दी थी। मामले में राजेंद्र गुप्ता की मां शारदा देवी भी चश्मदीद गवाह थीं। लेकिन सबूतों और गवाहों के अभाव में राजेंद्र 7 साल जेल काटने के बाद बाहर आ गए और आक बार फिर शराब का बिजनेस शुरू किया।
चर्चा है कि छोटे भाई का बेटा विक्की ने शूटरों के माध्यम से 28 साल पहले हुई अपने माता पिता की हत्या का बदला लिया है। पुलिस की मानें तो वारदात के लिए प्रोफेशनल शूटर्स हायर किए गए हैं। अब इन सभी शूटर्स की धरपकड़ के लिए वाराणसी पुलिस कई राज्यों में दबिश देना चालू कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड के पीछे तांत्रिक और अन्य कारणों को नकारा है।
Published on:
06 Nov 2024 05:58 pm

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