
भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा, बलभद्र
वाराणसी. काशी के लक्खी मेलों में शुमार रथयात्रा मेले के दूसरे दिन रविवार को उमड़ा भक्तों का रेला। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और बड़े भैया बलभद्र के दर्शन-पूजन को सुबह से जो श्रद्धालुओं का तांता लगा कि वह देर शाम तक जारी रहा। दरअसल एक तो तीन दिवसीय मेले का दूसरा दिन और ऊपर से रविवार का अवकाश. ऐसे में दिन ढलते ही ऐसा लगा कि पूरी काशी ही उमड़ पड़ी हो प्रभु के दर्शन को। रथयात्रा से लेकर सिगरा, कमच्छा, लक्सा तक का इलाका खचाखच भरा रहा। क्या पुरुष, महिला, बूढे-बुजुर्ग हर कोई भगवान के दर्शन को लालायित दिखा। हालांकि एक कसक सबको सालती रही कि देवराज इंद्र भगवाव जगन्नाथ के पांव पखारने नहीं आए।
तड़के मंगला आरती के बाद खुले कपाट
भगवान जगन्नाथ मंदिर के पुजारी राधेश्याम पांडेय के आचार्यत्व में भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र का लाल फूलों से श्रृंगार किया। रथ के शिखर के अलावा परिक्रमा पथ को भी भव्य सजाया गया। तड़के करीब 5.11 बजे मंगला आरती के बाद, प्रभु को नौ बजे के करीब छौंका मूंग-चना, पेड़ा, गुड़ व देशी चीनी के शर्बत का भोग लगाया गया। दोपहर 12 बजे भोग व आरती के पश्चात पट बंद कर दिया गया। फिर दोपहर बाद तीन बजे आरती के साथ पुन: दर्शन शुरू हुआ। इसके बाद आठ बजे आरती हुई। सुबह मंगला आरती के बाद रथ का स्पर्श करने और प्रभु जगन्नाथ के चरणों में तुलसी दल अर्पित करने की होड़ लगी रही। रविवार को कुछ दूरी तक रथ खींचा भी गया। अब मध्य रात्रि में 12 बजे शयन आरती होने के बाद दर्शन हेतु कपाट हो जाएगा।
कुंवर अनंत नारायण भी पहुंचे
राजातालाब के रथयात्रा मेला की परंपरा भले प्रधानमंत्री की सभा के चलते भाजपा के लोगों ने तोड़ दी हो और रुष्ट पूर्व काशिराज परिवार के प्रतिनिधिन कुंवर अनंत नारायण वहां रथ खींचने नहीं गए हों पर रथयात्रा स्थिति मेले के दूसरे दिन वह परंपरागत रूप से आए और पूरी श्रद्धा से पूजन-अर्चन किया। कुंवर के साथ उनके पुत्र कुंवर प्रद्युम्न नारायण सिंह भी मेले में पहुंचे। पिता-पुत्र ने भक्ति भाव से न केवल भगवान जगन्नाथ के दरबार में हाजिरी लगाई बल्कि रथ के आम भक्तों की तरह पहिये को स्पर्श किया।
शाम ढलते मेला क्षेत्र हुआ गुलजार
दिन भर जहां श्रद्धालुओं की भीड़ रथयात्रा पर नजर आई वहीं शाम में ये भीड़ 10 गुने से ज्यादा हो गई। दर्शन-पूजन के बाद लोगों ने झूले और खेल-तमाशे का भी भरपूर लुत्फ उठाया। इस मेले की खास नान खटाई भी खूब बिकी। बच्चे इस मेले में खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने खिलौनों की खरीदारी भी की। वहीं महिलाओं ने घर गृहस्थी के सामानों की भी खरीदारी की। देर रात तक मेला एरिया में चहल-पहल देखने को मिली।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
तीनों देवों के दर्शन के लिए शनिवार की सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेला एरिया में पहुंचे थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सिगरा, महमूरगंज, लक्सा तथा कमच्छा से रथयात्रा की ओर जाने वाले सभी वाहन रोक दिए जा रहे थे। सुरक्षा के दृष्टि से पुलिस फोर्स के साथ एनसीसी कैडेट भी लगाए गए थे, जो भीड़ को नियंत्रण कर रहे थे।
Published on:
15 Jul 2018 09:06 pm
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