काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रचार चरम पर पहुंच गया है। छात्रनेताओं को चुनाव तिथि का इंतजार है। विश्वविद्यालय प्रशासन भी जल्द चुनाव कराना चाहता है, ताकि परिसर का बवाल खत्म हो सके। चुनाव अधिकारी की नियुक्ति भी हो चुकी है, लेकिन बाढ़ के चलते चुनाव तारीख घोषित नहीं हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि बाढ़ के पहले चुनाव कराया जायेगा तो प्रत्याशी को नुकसान हो सकता है। छात्रों की बड़ी संख्या बाढ़ से प्रभावित है और वह चुनाव के दिन परिसर में आकर मतदान नहीं कर पायेंगे। इसके चलते प्रत्याशियों को नुकसान हो जायेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन चाहता है कि बाढ़ का असर कम हो जाये तब चुनाव तिथि जारी की जाये।