वाराणसी. संसदीय चुनाव 2019 में पीएम नरेन्द्र मोदी को घेरने में विपक्षी दल जुट गये हैं। इसी क्रम में वाम दलों ने बनारस में बहुत बड़ा सम्मेलन किया है। अब बिहार के पूर्व एमपी शरद यादव ने भी आंदोलन की रणनीति बना ली है। 9 फरवरी को चिरईगांव के सिंहपुर में किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले महासंग्राम रैली का आयोजन किया गया है इस रैली में खुद शरद यादव आयेंगे। मंगलवार को काशी पहुंचने पर मीडिया से बात कर अपनी रणनीति का खुलासा किया।
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शरद यादव के निशाने पर पीएम नरेन्द्र मोदी व सीएम योगी सरकार रही। उन्होंने कहा कि यूपी में गैरकानूनी ढंग से पुलिस एनकाउंटर कर रही है। एनकाउंटर में मारे जाना वाला हर व्यक्ति देश का नागरिक है। यूपी सरकार को याद रखना चाहिए कि बीपी सिंह सरकार के समय भी ऐसे इनकाउंटर होते थे जिसके चलते उनकी सरकार तक चली गयी। उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने जनता को सपना दिखा कर केन्द्र की सत्ता पर कब्जा पाया है। रोजगार देने का वायदा करने वाली केन्द्र सरकार लोगों की नौकरी छीनने में लगी है। विकास के नाम पर किसानों की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है। इसके चलते किसानों के पास अब आंदोलन करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
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सीएम योगी सरकार की देन हैं कासगंज दंगा
शरद यादव ने कहा कि सीएम योगी सरकार की देन है कि कासगंज में ऐसा दंगा हुआ है। कासगंज की घटना की निंदा करता हूं। वहां पर जो हुआ वह गलत है। सरकार चाहती तो एक घंटे के अंदर दंगे को खत्म करा सकती थी, लेकिन यहां पर तीन दिनों तक उपद्रव होता रहा और सरकार सोती रही।
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नहीं होने चाहिए विधानसभा व संसदीय चुनाव एक साथ
शरद यादव ने कहा कि संसदीय व विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं होने चाहिए। केन्द्र सरकार लोगों का ध्यान बटाने के लिए ऐसी बात कर रही है। केन्द्र सरकार ने जो वायदा किया है उसे पहले पूरा करें। बजट पर शरद यादव ने कहा कि लोगों को राहत नहीं मिलने वाली है। जनता को एक साथ मिल कर केन्द्र सरकार के खिलाफ सभी राजनीतिक दलों को एक करना चाहिए। ऐसा करके हम केन्द्र सरकार को उन्हीं के भाषा में जवाब दे सकते हैं।
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