
सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा
वाराणसी. समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने प्राथमिक विद्यालय जाल्हूपुर- द्वितीय की दो शिक्षिकाओं का धार्मिक आधार पर वेतन रोकने की संस्तुति करने वाले बीईओ के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रमुख सचिव, बेसिक शिक्षा को पत्र लिखा है। साथ ही इसकी एक प्रतिलिपि वाराणसी के कलेक्टर कौशलराज शर्मा को भी भेजी है।
ललई छठ के दिन अवकाश के बावजूद अनुपस्थिति दिखा कर रोका वेतन
एमएलसी सिन्हा ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा और वाराणसी के कलेक्टर को भेजे पत्र में लिखा है कि प्राथमिक विद्यालय जाल्हूपुर द्वितीय में 17 अगस्त (बुधवार) को बीईओ ने आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें समुदाय विशेष की दो शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिलीं। एमएलसी का कहना है कि उस दिन ललई छठ व्रत के कारण महिलाओं के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था लेकिन बीईओ ने यह कहते हुए शिक्षिकाओं का वेतन रोकने की संस्तुति की कि ललई छठ मुस्लिमों का त्यौहार नही है। ऐसे में इस दिन मुस्लिम समाज की महिलाओं को अवकाश देय नही है।
अवकाश संबंधी सचिव बेसिक शिक्षा का आदेश की प्रति भी लगाई
एमएलसी ने पूर्व में घटित ऐसी ही एक घटना के परिपेक्ष्य में आरटीआई अभिकर्ता शबनम द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से संबंधित सचिव- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज द्वारा दी गई जानकारी का पत्र भी संलग्न किया है। उस पत्र में स्पष्ट लिखा है कि ललई छठ पर सभी महिलाओं को अवकाश देय है।
ऐसे अधिकारियों से बिगड़ रहा सामाजिक ताना-बाना
आशुतोष सिन्हा ने लिखा है कि ऐसी मानसिकता वाले अधिकारियों द्वारा देश की एकता और अखंडता पर कुठाराघात किया जा रहा है, जिससे जाति एवं धर्म के आधार पर सामाजिक एकता विखंडित हो रही है। देशवासियों की सौहार्दपूर्ण व शांतिपूर्ण जीवनशैली असंतुलित हो रही है। लिहाजा ऐसी मानसिकता वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
Published on:
20 Aug 2022 02:25 pm

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