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मुलायम को हटाने से सपा को होगा बड़ा नुकसान, साइकिल चुनाव चिन्ह भी हो सकता है सीज

फैसले के बाद बोले सपाई और विचारक, संवैधानिक नहीं है फैसला।

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Ajay Chaturvedi

Jan 01, 2017

Chief Minister Akhilesh Yadav

Chief Minister Akhilesh Yadav

वाराणसी. सपा कुनबे की रार के नए एपीसोड के तहत जिस तरह से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह को पद से हटाना गया उससे पार्टी कार्यकर्ता और समाजवादी विचारधारा वाले सहमत नहीं। उनका कहाना है कि इससे पार्टी को भारी नुकसान होगा। यहां तक कि चुनाव चिह्न साइकिल को निर्वाचन आयोग सीज कर देगा। वहीं रविवार के घटनाक्रम के बाद पार्टी के लोह भी मानने लगे हैं कि इसका फायदा सीधे तौर पर भाजपा को होगा। समाजवादी पार्टी तो लड़ाई से ही बाहर हो जाएगी। समाजवादी पार्टी कोर ग्रुप के सम्मेलन के बाद की परिस्थितियों पर पत्रिका ने वाराणसी के समाजवादी विचारकों और सपा कार्यकर्तों से की बात, प्रस्तुत हैं संपादित अंश...




पार्टी अध्यक्ष को हटाया जाना असैवाधिनक
किसी भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को कुछ लोगों द्वारा आनन-फानन में सम्मेलन बुला कर पद से हटाना पूरी तरह से असंवैधानिक है। दरअसल यह सम्मेलन ही संवैधानिक नहीं है। इसे निर्वाचन आयोग नहीं स्वीकार करेगा। ऐसी स्थिति में समाजवादी पार्टी के चुनाव निशान साइकिल को सीज किया जा सकता है। इससे पार्टी की मान्यता और सिंबल दोनों ही खतरे में पड़ जाएंगे। वरिष्ठ समाजवादी विचारक विजय नारायण




फायदा बसपा और भाजपा को
विजय नारायण ने कहा कि पार्टी की इन गतिविधियों से फायदा भाजपा और बसपा को होगा। सपा का मुस्लिम वोट बैंक पूरी तरह से बसपा में कन्वर्ट होगा। समाजवादी पार्टी को ऐन चुनाव के वक्त आपसी विवादों से बचना चाहिए था। ये सारी प्रक्रिया बाद में भी हो सकती थी। वैसे भी जब मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को पार्टी का विवाद मिटाते हुए अखिलेश और रामगोपाल का निष्कासन वापस ले लिया था तब मुलायम सिंह को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाना कतई उचित नहीं।




सपा पर मुख्य लड़ाई से बाहर होने का खतरा
सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने कहा कि हालिया घटनाक्रम को सर्कस ही कहा जा सकता है। इससे पार्टी को बड़ा नुकसान होगा। पार्टी मुख्य लड़ाई से ही बाहर हो जाएगी। लड़ाई भाजपा और बसपा के बीच होगी। भाजपा बिना लड़े बहुमत में सरकार बना लेगी। जनता की नजर में पार्टी की साख को बड़ा धक्का लगा है। महानगर अध्यक्ष, राजकुमार जायसवाल




पार्टी हित में सही निर्णय

मुलायम सिहं को पार्टी अध्यक्ष पद से शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से और महासचिव अमर सिंह को पार्टी से निकाला जाना पार्टी हित में है। मुलायम सिंह किन्हीं दबावों में ऐसे निर्णय ले रहे थे जो पार्टी हित में नहीं थे। ऐसे में सीएम अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना कर पार्टी को बचाने का काम किया गया है। जहां तक अमर सिंह को बाहर का रास्ता दिखाने का मामला है तो वह सबसे जरूरी था। बीमार को स्वस्थ करने के लिए कभी कभी कडवी दवा भी देनी पड़ती है।- समाजवादी पार्टी के स्थापना काल से जुड़े पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त नेता मनोज राय धुपचंडी




फैसला मुलायम सिंह की सहमति से
पार्टी का जो भी निर्णय है उसे स्वीकार करेंगे। यह निर्णय मुलायम सिंह के सहमति से लिया गया है। इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि अब समाजवादी पार्टी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी। इससे कार्यकर्ताओं के अंदर का कंफ्यूजन अब खत्म हो गया। नये राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में सपा आगामी विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। पूर्व विधायक, हाजी समद अंसारी