
जिला एवं सत्र न्यायालय
वाराणसी. ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े दो महत्वपूर्ण मसलों पर सोमवार को अलग-अलग अदालत में सुनवाई हुई। ज्ञानवापी परिसर में मिली शिवलिंगनुमा आकृति (आदि विश्वेश्वर शिवलिंग) की नियमित पूजा संबंधी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की याचिका पर सुनवाई के बाद प्रभारी जिला जज ने कहा कि यह मामला जिला न्यायाधीश के द्वारा सुना जाना न्याय संगत होगा। वहीं धार्मिक भावना भड़काने के मामले में स्पेशल सीजेएम सर्वोत्तमा नागेश वर्मा की कोर्ट मंगलवार को आदेश पारित करेगा।
शनिवार को प्रभारी जिला जज की अदालत में अर्जेट प्रकृति की याचिका दायर हुई थी
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से प्रभारी जिला जज की अदालत में शनिवार की शाम अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने अर्जेंट प्रकृति की याचिका दायर की थी। इस मामले में सोमवार की दोपहर दो बजे सुनवाई शुरू हुई। न्यायाधीश ने कहा कि ये प्रकरण जिला जज द्वारा सुना जाना न्याय संगत होगा। यहां ये भी बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज ज्ञानवापी प्रकरण संबंधित मुकदमें की पोषणीयता पर जिला जज की अदालत में सुनवाई चल रही है। अभी तक की सुनवाई में प्रतिवादी पक्ष अपनी दलील पेश कर रहे हैं। सुनवाई चार जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई है। यहां ये भी बताना समाचीन होगा कि दीवानी अदालत में इस वक्त ग्रीष्मावकाश चल रहा है।
अंजुमन कमेटी के पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने के मामले में मंगलवार को आएगा फैसला
उधर अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव, कमेटी के सदस्यों और 1000 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के मामले में स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में दाखिल याचिका पर आज सुनवाई पूरी हो गई। इन सभी पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है। अब मंगलवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।
शिवलिंगनुमा आकृति के पास गंदगी फैलाने का अंजुमन कमेटी पर आरोप
दूसरी याचिका चौबेपुर क्षेत्र के बर्थराकला निवासी वकील राजा आनंद ज्योति सिंह की है जो उन्होंने तीन3 जून को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में दायर की थी। इस आवेदन में कहा गया है कि ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने में जहां सर्वे के दौरान शिवलिंगनुमा आकृति मिली है वहां लोग हाथ-पैर धोते हैं। ये तब है जब उन्हें ये भली-भांति पता है कि वहां शिवलिंग है। आरोप ये भी है कि अदालत के आदेश के बाद भी लोग वहां हाथ-पैर धोने की जिद पर अड़े रहे। इससे असंख्य सनातन धर्मियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है।
याची पुलिस से शिकायत भी कर चुके हैं
याची राजा आनंद ज्योति सिंह का कहना है कि उन्होंने इस मामले के संबंध में चौक थाने की पुलिस से शिकायत भी की थी, पर कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें अदालत की शरण में आना पड़ा। उन्होंने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन, कमेटी के सदस्यों और 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। कोर्ट आज मुकदमें की पोषणीयता पर सुनवाई करेगी।
Published on:
06 Jun 2022 06:05 pm

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