
वाराणसी: प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोर्ट के इस फैसले का स्वागत अखिल भारतीय संत समिति ने किया है। संत समिति के महामंत्री जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा है कि अब मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
जितेन्द्रानंद नें रखा पक्ष
स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज की शिकायत के बाद कोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आदेश के बाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में कोर्ट में उन दोनों बच्चों को पेश किया गया जिनका शोषण हुआ है। वहीं, स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए संत समिति का पक्ष रखा है।
प्रभावशाली व्यक्ति कुछ भी मैंनेज कर सकता है: जितेन्द्रानंद
स्वामी जितेन्द्रानंद के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रभावशाली व्यक्ति हैं जिनके ऊपर एफआईआर दर्ज करने के लिए कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज करने के मामले को लेकर लोग राज्य सरकार से उनके विवाद को जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा कि प्रभावशाली व्यक्ति मीडिया मैनेज कर सकता है। इसके साथ कोर्ट को भी मैनेज कर सकता है।
कोर्ट नें दोनों पक्ष को सुना होगा: जितेन्द्रानंद
स्वामी जितेन्द्रानंद ने कहा कि इस मामले में कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और सुनवाई करने के बाद प्राथमिक की दर्ज करने का आदेश दिया है। सिर्फ कोर्ट ने दोनों पक्षों को ही नहीं सुना बल्कि जिन शिष्यों का शोषण हुआ है उनका भी बयान दर्ज किया गया और संभवत उसकी सीडी भी जमा की होगी गई होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले में आगे मुकदमा चलेगा और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। हम कोर्ट केस फैसले का स्वागत करते हैं कि इस प्रकरण में न्याय हो।
जांच में सहयोग करेंगे: अविमुक्तेश्वरानंद
वहीं, इस मामले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि उनके ऊपर आरोप लगाने वाले लोग खुद हिस्ट्रीसीटर हैं। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज हो गई है और पुलिस की जांच में वह और उनके शिष्य पूर्ण सहयोग करेंगे। हम कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखने को तैयार हैं।
Published on:
22 Feb 2026 03:49 pm
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