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डीएम कार्यालय पर आदिवासियों ने किया प्रदर्शन, आरोप – दबंग नहीं लेने दे रहे जमीन पर कब्जा, पुलिस कर रही बर्बरता

चौबेपुर थानाक्षेत्र के बहरामपुर गांव से डीएम कार्यालय पहुंचे चार आदिवासी परिवारों ने धरना दिया। सभी ने हाथ में राष्ट्रपति की तस्वीर ले रखी थी। परिवारों का आरोप है कि उन्हें जमीन का एक टुकड़ा पट्टा स्वरुप प्राप्त हुआ था। इसपर अब दबंग कब्जा नहीं करने दे रहे हैं और पुलिस से शिकायत की तो उन्होंने बर्बरता दिखाई और पीट दिया। समाचार लिखे जाने तक आदिवासी डीएम कार्यालय के पोर्टिकों में अपनी मांग के साथ बैठे थे।

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Varanasi News

डीएम कार्यालय पर आदिवासियों ने किया प्रदर्शन, कहा- दबंग नहीं लेने दे रहे जमीन पर कब्जा, पुलिस कर रही बर्बरता

वाराणसी। गरीबों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसमें उसका भरपूर सहयोग राज्य की योगी सरकार कर रही है पर कई स्थानों पर आज भी गरीबों को हक लेने के लिए लड़ाई लड़नी पड़ रही है। ताजा मामला वाराणसी के चौबेपुर थानाक्षेत्र के बहरामपुर में सड़क किनारे रहने वाली धोबिन निवासी बहरामपुर सहित चार परिवार का है। इन आदिवासियों के पास मकान नहीं था। इसपर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रार्थिनी व उसके परिवार के हक में मौजा बहरामपुर में आराजी नंबर 692 पट्टा स्वरूप प्राप्त कराया गया था, लेकिन इसपर कब्जा करना इनके लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आरोप है कि इस जमीन के आगे रहने वाले दबंग व् गुंडा प्रवृति के व्यक्ति भोले, पिंटू, विपिन, राजा बाबू निवासी थाना चौबेपुर जमीन पर कब्जा लेने जाने पर मार पीट कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे रहे हैं। साथ ही इनका साथ स्थानीय चौबेपुर की पुलिस भी दे रही है। ऐसे में आज न्याय की आस के साथ राष्ट्रपति के नाम पत्रक और उनकी तस्वीर के साथ सभी लाभार्थियों ने डीएम पोर्टिकों में प्रदर्शन किया।


हाइवे में उजड़ा आशियाना तो सरकार ने की मदद

पुलिसिया उत्पीड़न से परेशान धोबिया ने बताया कि उन्हें चार परिवारों को हाइवे निर्माण के दौरान सड़क से हटाया गया था। शासन और योगी सरकार ने हमारी मदद की और हमें आराजी संख्या 692 बरहामपुर में बतौर पट्टा रहने को दी। हम वहां रहने पहुंचे तो वहां पहले से काबिज दबंगों ने हमें भगा दिया और हमारे ऊपर प्रेशर डालने लगे कि वह पट्टा हमारे नाम कर दो वरना अंजाम भुगतना होगा। हमारे परिवार के लोगों से मारपीट भी की और हमें वहां से भगा दिया।

समझने की कोशिश की तो कहा जला कर मार देंगे

धोबिन ने अपने राष्ट्रपति के नाम लिखे गए पत्रक में आरोप लगाया कि हमने दबंगों को समझाने का प्रयास किया कि हमारे पर महिलाएं और बच्चे हैं। हम कहां जाएंगे पर वो नहीं माने। उन्होंने सरेआम बेइज्जती करते हुए धमकी दिया कि यदि वो इस पट्टे की आवंटित जमीन पर रहे तो पूरे परिवार को जला कर मार दिया जाएगा। लगातार प्रताड़ना के बीच विपक्षी 7 नवंबर को उस भूमि पर अवैध निर्माण करवाने लगे। हमने रोकने का प्रयास किया तो हम सभी को दबंग भोले, पिंटू, विपिन, राजा बाबू और अन्य ने मारापीटा और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया गया।


डीएम से की लिखित शिकायत तो पुलिस से मरवाया

प्रार्थिनी धोबिन ने बताया कि इसपर हमने डीएम से लिखित शिकायत कर मामले का संज्ञान लेने की अपील की। इस बात की सूचना विपक्षियों को लगी तो 1 दिसंबर को दबंग पुलिस की मौजूदगी में जहां हम रह रहे है वहां पहुंचकर हमारा सामान निकाल कर फेक दिया और हमें मारा पीटा भी। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक रही और हमने जब शिकायत की तो हमें थाने से भगा दिया गया।

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