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यूपी में गर्भवती दलित आदिवासी माँ के बच्चा जनने की कीमत,6 बकरियां सूद के 50 हजार 

यूपी में गर्भवती दलित आदिवासी माँ के बच्चा जनने की कीमत,6 बकरियां सूद के 50 हजार 
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Awesh Tiwary

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Updated: 18 Jul 2017, 2:12 PM IST

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पत्रिका सरोकार
आवेश तिवारी
वाराणसी। यूपी के सोनभद्र जनपद में रेणुका तट के पार एक ग्राम पंचायत है उसका नाम है टापू ।यह नाम इसलिए है क्योंकि वास्तव में वर्षाकाल में यह पूरा इलाका टापू की तरह हो जाता है। इसी इलाके के ग्राम गोसारी की रहने वाले हैं संत कुमारी ,आमतौर पर इस इलाके में रहने वाले दलित आदिवासी ही यहाँ के मूल निवासी है। संत कुमारी अब से पांच दिन पहले जब प्रसव पीड़ा से कराह रही थी तो उसके पति रामसेवक के पास इसके अलावा कोई चारा नहीं था कि वो उफनती हुई नदी को पार करके अपनी पत्नी को गाँव से 60 किलोमीटर दूर लेकर आये। खैर तेज बरसात में रामसेवक दर्द में कराहती अपनी पत्नी को लेकर निकल पडा और सोनभद्र के जिला अस्पताल पहुँच तो गया ,लेकिन आगे की कहानी दिल को दहला देने वाली थी।

महिला दलाल के चंगुल में रामसेवक

एनआरएचएम् समेत तमाम घोटाले के लिए चर्चित बिना कुशल स्त्री रोग विशेषज्ञ के चलाये जा रहे सोनभद्र के जिला चिक्तिसालय में जब काफी देर तक संत कुमारी को देखने कोई नहीं आया तो रामसेवक बैचैन हो गया। इसी बीच उसे एक महिला मिली जिसने उससे कहा कि चलिए आपकी पत्नी की बनारस के एक अस्पताल में कम पैसे में डिलीवरी करा देते हैं ।रामसेवक मान गया। फिर वो उसे एक स्कार्पियो गाडी से लेकर 120 किमी दूर वाराणसी के ऋषिदेव मेमोरियल डिवाइन अस्पताल में ले आये जहाँ संत कुमारी ने एक बच्ची को जन्म दिया। बाद में पता चला कि वो महिला दलाल है और बनारस के अस्पतालों से कमीशन लेकर आदिवासी गरीब मरीजों को वहां भर्ती कराती है।

कहाँ से लाये गरीब आदिवासी 96 हजार रूपए
रामसेवक के लिए असली मुसीबत तब शुरू हुई जब अस्पताल ने उन्हें 96 हजार रुपयों का भारी भरकम बिल थमा दिया ।रामसेवक के पास कोई चारा न था पहले वो अपने गाँव गया। उसने अपनी 6 बकरियां बेंच डाली फिर गाँव के ही एक ऊँची जाति के व्यक्ति से 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर 20 हजार रूपए लिए और एक परिचित से पांच प्रतिशत मासिक ब्याज पर 10 हजार रूपए। इस तरह से तक़रीबन 55 हजार रूपए इकठ्ठा करके रामसेवक ने अस्पताल में इलाज और दवाओं के दे दिए ,लेकिन फिर भी 96 हजार रूपए इकठ्ठा न हुए जिससे कि वो अस्पताल का बिल चुकता कर सके।

रामसेवक को बदन से खून निकालने की मिली धमकी

पत्रिका को जब इस पूरे प्रकरण की जानकारी हुई तो हमने अस्पताल के जनरल मैनेजर से बात की उन्होंने कहा कि हमने महिला की डायलिसिस की है खून चढ़वाया है इतना पैसा तो देना ही पड़ेगा नहीं तो मरीज को नहीं छोड़ा जाएगा ।रामसेवक ने बताया कि उससे कहा गया कि अगर तुम पैसा नहीं दोगे तो तुम्हारे बदन से खून निकाल लिया जाएगा। उधर दलाल महिला जो संत कुमारी को अस्पताल तक लाई थी ने किसी प्रकार की मदद से इनकार कर दिया।

फिर रंग लाई फेसबुक पर मुहिम
पत्रिका को जब प्रकरण का पता लगा तो हम इसे सोशल मीडिया पर देश भर के एक्टिविस्टों और आम लोगों के बीच ले गए ,जिसके बाद लोगों ने अस्पताल के मालिकों से बात की और उनसे कहा कि ऐसे गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए ।अंततः अस्पताल के निर्देशक वरुण पाठक ने मरीज को छोड़ने की बात मान ली और कहा कि हम भविष्य में भी गरीबों के इलाज में जो भी मदद हो सकेगी करेंगी , समाचार दिए जाने तक मरीज को छोड़ने की औपचारिकताएं हो रही थी।