
यूपी बोर्ड परीक्षा प्रतीकात्मक फोटो
वाराणसी. कम से कम समय में परीक्षा संपन्न कराने के लिए यूपी बोर्ड ने अपने पुराने प्रारूप में आमूलचूल परिवर्तन कर दिया है। इतना ही नहीं इस परिवर्तन से विद्यार्थियों को किसी तरह की कठिनाई न हो उसका भी इंतजाम कर दिया है। अब अगर सब कुछ ठीक रहा तो अबकी बोर्ड परीक्षा एक पखवारे में ही पूरी कर ली जाएगी।
40 विषय में एक पेपर
बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव के हवाले से आई खबर के मुताबिक 2019 में होने वाली बोर्ड परीक्षा में 40 विषय के एक-एक प्रश्न पत्र होंगे। प्रश्नपत्रों की संख्या कम होने से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा कम समय में संपन्न कराने में मदद मिलेगी। प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ.दिनेश शर्मा पहले ही कह चुके हैं कि यूपी बोर्ड की परीक्षा 15 से 17 दिन में संपन्न करा दी जाएगी।
वेबसाइट पर अपलोड हो रहे पेपर
इतना ही नहीं नए प्रारूप से विद्यार्थियों को किसी तरह की कठिनाई न हो इसके लिए बोर्ड विभिन्न विषयों के मॉडल प्रश्नपत्र अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब तक हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, इतिहास, भूगोल समेत 24 विषयों के पेपर अपलोड भी हो चुके हैं।
केंद्र व्यवस्थापकों को सहूलियत
इस नए प्रारूप में परीक्षा कराने से केंद्र व्यवस्थापकों को भी बड़ी सहूलियत होगी। कारण साफ है कि गल्ती चाहे जिसकी हो, अब तक बहुधा पहले की जगह दूसरे प्रश्न पत्र का पैकेट खुल जाया करता था, अब एक ही प्रश्न पत्र होगा तो इस तरह की गड़बड़ी से भी मुक्ति मिलेगी।
जीव विज्ञान विषय को समाप्त करना छात्रों के साथ नाइंसाफी
माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण सिंह गुट) के प्रांतीय मीडिया प्रभारी और कमलापति त्रिपाठी आदर्श इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हाईस्कूल में जीव विज्ञान एक महत्वपूर्ण विषय होता था। उसमें भी दो पेपर होते थे, जंतु विज्ञान और वनस्पति विज्ञान, अब जीव विज्ञान विषय को समाप्त कर उसे सामान्य विज्ञान में समाहित कर दिया गया है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को जीव विज्ञान का कितना ज्ञान होगा और जब वे इंटरमीडिएट में जाएंगे तो जब उन्हें विशाल पाठ्यक्रम का सामना करना पड़ेगा तो उनकी स्थिति दयनीय होगी। ऐसे में वो क्या मेडिकल की तैयारी कर पाएंगे। कहा कि यूपी बोर्ड को तो पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है।
परीक्षा सिर्फ फर्ज अदायगी होगी
हालांकि इस संबंध में जब पत्रिका ने पूर्व शिक्षक विधायक और कमलाकर चौबे आदर्श इंटर कॉलेज के भूगोल प्रवक्ता डॉ प्रमोद कुमार मिश्र से जानकारी चाही तो उन्होंने कहा कि शासन और बोर्ड मिल कर यूपी बोर्ड को तबाह करने पर जुटा है। अब दो साल का कोर्स एक पेपर में समेट दिया जाएगा। यानी केवल छुआछूत भर रह जाएगा। परीक्षा भी केवल फर्ज अदायगी तक सीमित रहेगी। इससे विद्यार्थियों का बड़ा नुकसान होगा। उन्हें केवल सतही ज्ञान करा कर प्रमाण पत्र दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम परिवर्तन से पूर्व विषय विशेषज्ञों की राय ली जानी चाहिए। माध्यमिक शिक्षा परिषद में इस पर चर्चा होनी चाहिए। ऐसा कुछ तो हुआ नहीं बस दूसरों की नकल करके अपना जो कुछ था उसे बर्बाद किया जा रहा है।
Published on:
29 Jul 2018 07:43 pm
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