डॉ. प्रतिमा गौड़ ने इसके पीछे की वजह बताई कि अक्सर देखा जा रहा है कि उनके कॉलेज में चाहे नेम प्लेट हो या फिर सीनियरिटी लिस्ट, हर जगह सुश्री या श्रीमति का उपयोग लिखने में होता रहा है। जबकि उनका चयन मेरिट लिस्ट पर उनकी योग्यता से हुआ है। ऐसे में मैरिटल कंडीशन क्यों शो किया जाए? इसको लेकर कुलपति से पिछले वर्ष मुलाकात कर उन्हें अवगत कराया था। उन्होंने कहा कि कुलपति ने उनके इस प्रयास की काफी सराहना भी की थी। इसमें कोरोना की वजह से थोड़ी देरी हुई लेकिन अब नाम के आगे से मिस या मिसेज लगाना जरूरी नहीं है, यह अच्छी बात भी है।