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चार साल में रुपये दोगुना करने का झांसा देकर गरीबों का पैसा हड़पने वाली कंपनी के सरगना समेत दो गिरफ्तार

चार साल में रुपये दोगुना करने का झांसा देकर गरीबो की गाढ़ी कमाई हड़पने वाली कंपनी इंडस वेयर कंपनी के सरगना व एक निदेशक को वाराणसी क्राइम ब्रांच टीम ने लखनऊ और बलिया से गिरफ्तार कर लिया है। आमजन से फर्जीवाड़ा करने वाली इस कंपनी के विरुद्ध वाराणसी सहित बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में कुल 19 मुकदमें दर्ज है।

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गरीबों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले अरुणेश सीता और बालचंद

गरीबों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले अरुणेश सीता और बालचंद

वाराणसी. चार साल में रुपये दोगुना करने का झांसा देकर गरीबों का करोड़ों हड़पने वाली इंडस वेयर कंपनी सरगना व एक निदेशक को वाराणसी कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच टीम ने क्रमशः लखनऊ और बलिया से गिरफ्तार कर लिया है। इस कंपनी का रैकट न केवल बनारस बल्कि बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तक फैला रहा। इन राज्यों में कुल 19 मुकदमें दर्ज है, जिसमें वाराणसी के चेतगंज में 2 मुकदमें दर्ज है। कुल 14 मुकदमों का वाराणसी पुलिस ने पता लगा लिया है। शेष की जानकारी जुटाई जा रही है।

कई राज्यों की पुलिस सहित इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को भी तलाश

फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह के सरगना अरुणेश सीता को लखनऊ तथा फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी के निदेशक बालचंद चौरसिया को बलिया से गिरफ्तार किया गया है। अरुणेश सीता को कई जिलों की पुलिस सहित उत्तर प्रदेश के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EoW) को भी तलाश थी। है।

एक दशक से पुलिस को देता रहा चकमा

इन्वेस्टर से एफडीआर और शेयर के नाम पर रुपये जमा करवाता रहा। उन्हीं रुपयों से अरुणेश सीता ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान में होटल, पटना में बेशकीमती जमीने और प्लॉट, दिल्ली में मॉल और कॉन्प्लेक्स में कमर्शियल प्रॉपर्टीयां खरीदी। इतना ही नहीं उसने एक फिल्म कंपनी भी लांच की और करीब चार- पांच भोजपुरी फिल्में भी बनाईं। पुलिस के अनुसार गरीबों से हड़पे रुपयों से अरुणेश सीता ने खूब ऐश किया। वह अपने स्टाफ को फाइव स्टार होटल में सक्सेस पार्टियां देता रहा। ये पिछले एक दशक से पुलिस के चंगुल से बचता रहा।

300 करोड़ से अधिक की ठगी का मामला

पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया की एक दशक से पुलिस को इसकी तलाश रही। लेकिन आखिरकार वाराणसी कमिश्नरेट के क्राइम ब्रांच की जाल में फंस गया है। यह आर्थिक ठगी करीब 300 करोड़ से अधिक की है। उन्होंने बताया की वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को इकोनॉमिक ऑफेंस के पेचीदा केसेज वर्कआउट करने में लगातार कामयाबी हासिल हो रही है।

रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस का रहा रिजनल मैनेजर

इस संबंध में पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश का कहना है कि बिहार के पटना का मूल निवासी अरुणेश सीता पहले रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में रिजनल मैनेजर रहा। इसी पद पर उसने बिहार और पश्चिम बंगाल में काम किया। फिर 2010 में अनिल त्रिवेदी, राशिद व अन्य कुछ साथियों के साथ मिलकर इंडस वेयर तथा अन्य कंपनियां खोलीं और दिल्ली में ऑफिस खोलकर पॉजी स्कीम का धंधा शुरु किया। उसके बाद देश के कई शहरों में अपना नेटवर्क फैला लिया। उसने अपनी कंपनी में कई निदेशक, लीडर्स और एरिया मैनेजर जैसे पदों पर अपने खास लोगों को बिठाकर ठगी का गोरखधंधा शुरू कर दिया।

जालसाजों को गिरफ्तार करवे वाली टीम होगी पुरस्कृत

इस बार ये कामयाबी क्राइम ब्रांच के प्रभारी अंजनी पांडेय की टीम को मिली है। क्राइम ब्रांच टीम में दरोगा राजकुमार पाण्डेय और दरोगा सूरज तिवारी हिस्सा रहे. टीम को पुलिस कमिश्नर ने नगद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है. कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस इन शातिर को न्यायलय में प्रस्तुत कर ज्यूडिशियल रिमांड मांगेगी.