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Varanasi News : भेलूपुर थानाक्षेत्र के शंकुलधारा पोखरे के पास से एक कार में 92 लाख रुपए बरामद होने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस मामले में सीबीआई जांच मांग करने वाले पूर्व आईपीएस और अधिकार सेना के अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने इस मामले में 15 मिनट 9 सेकेण्ड का एक आडियो वायरल कर हड़कंप मचा दिया है। वायरल आडियो पुलिसकर्मियों और आरोपी अजीत मिश्रा की बातचीत का बताया जा रहा है, जिसमें एडीसीपी और सीओ का नाम लिया जा रहा है। फिलहाल इस आडियो के वायरल होते ही वाराणसी से लखनऊ तक के फोन घनघनाने लगे हैं।
आडियो जारी कर अमिताभ ठाकुर ने किया ये दावा
सोशल मीडिया पर आडियो वायरल करते हुए अमिताभ ठाकुर ने दावा किया है कि विश्वस्त सूत्रों से यह रिकॉर्डिंग मिली है, जो 30 मई 2023 की रात भेलूपुर पुलिस के उप निरीक्षक सुशील कुमार और उत्कर्ष चतुर्वेदी द्वारा अजीत मिश्रा के साथ तब की बातचीत की बताई गई है जब पुलिस अजीत मिश्रा को 30 तारीख की रात जबरदस्ती एक सफारी गाड़ी में बैठा कर पैसे की वसूली के लिए वाराणसी से लखनऊ ले जा रही थी।
सीओ साहब इस मामले में ले रहे हैं विशेष रूचि
इस बातचीत में अजीत मिश्रा पैसे के शीघ्र बरामद होने की बात कह रहे हैं और कह रहे हैं कि 49-50 लाख की बरामदगी की बात हो चुकी है, जबकि पुलिस के अफसर कह रहे हैं कि सीओ साहब इस मामले में विशेष रूचि ले रहे हैं। सीओ साहब हम लोगों को नहीं छोड़ेंगे, वे इस मामले में लगातार लगे हुए हैं। इस पर अजीत मिश्रा यह कह रहे हैं कि सीओ साहब सेटलमेंट वाले हैं तो उन्होंने क्यों नहीं सेटलमेंट कर लिया।
एडीसीपी का भी आया नाम
इस आडियो को जारी करते हुए अमिताभ ठाकुर ने दावा किया कि आडियो में साफ सुना जा सकता है कि पुलिस के अफसर कह रहे हैं सीओ साहब यह चाहते हैं कि सारा पैसा उन्हें मिल जाए, वे मालामाल हो जाएं, बाकी किसी को कुछ मिले या ना मिले। यह भी कह रहे हैं कि अब वे हम लोगों का नुकसान भी करेंगे। इसी बातचीत में एक पुलिसवाला कह रहा है कि एडीसीपी साहब को बता दिया जाए कि 11 बजे तक पैसा हर हाल में आ जाएगा ।
लूटकांड ही संदिग्ध
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि इस प्रकार की बातचीत भेलूपुर लूटकांड को पूरी तरह संदिग्ध बना देती है। जहां पुलिस के अभिलेखों में 5 जून को लूट की घटना दर्ज हुई, वहीं उस से 6 दिन पहले ही पुलिस द्वारा इस प्रकार बरामदगी का प्रयास करना और इस प्रकार की बातचीत करना इस बात को स्पष्ट करता है कि कथित लूट कांड में पुलिस वालों की मुख्य भूमिका थी, जिसमे संबंधित सीओ और एडीसीपी की भी भूमिका है।
7 पुलिसकर्मियों की गई है नौकरी
दरअसल, जब 92 लाख रुपए 30 मई को लावारिस हाल में मिले और पुलिस विभाग की किरकिरी हुई तो गुजरात की एक फर्म जो की थानाक्षेत्र के बैजनत्था में स्थित है उसने 4 जून को अपने ऑफिस में 1 करोड़ 40 लाख की डकैती की एफआईआर दर्ज कराई थी और डकैती की तारीख 29 मई शो की थी। पुलिस के अनुसार ये 92 लाख रुपए उसी डकैती से सम्बंधित थे। पर, आला अधिकारियों ने इस मामले में थाना प्रभारी सहित 7 पुलिसकर्मी को पहले लाइन हाजिर, फिर निलंबित और फिर नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सभी के ऊपर जेल जाने की तलवार लटक रही है।
Published on:
24 Jun 2023 02:36 pm

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