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विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक और उनके परिवार को मिली जान से मारने की धमकी

विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी मिली है। सियालदह के पते से भेजे गए रजिस्टर्ड पत्र के माध्यम से ये धमकी दी गई है। पत्र में दारुल इस्लाम का उल्लेख है। हालांकि इस धमकी भरा पत्र मिलने के बाद भी अरुण पाठक ने कहा है कि वो किसी धमकी से डरने वाले नहीं।

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विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक

विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक

वाराणसी. विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष अरुण पाठक और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। ये धमकी एक रजिस्टर्ड पत्र के जरिए दी गई है जो सियालदह के पते से भेजा गया है। पत्र में दारुल इस्लाम का उल्लेख है। पत्र में लिखा है, "अरुण पाठक तू लगातार इस्लाम के खिलाफ बोलते आया है। तूने भी हमारे रसूल के खिलाफ गुस्ताखी की है। इसलिए तुझे और तेरे परिवार को इसकी सजा मिलेगी... इंशाल्लाह...। तेरी गर्दन तक भी मेरा खंजर जरूर पहुंचेगा। गुस्ताख-ए-रसूल की एक ही सजा सर तन से जुदा... सर तन से जुदा...।" हालांकि इस धमकी भरा पत्र मिलने के बाद भी अरुण पाठक ने कहा है कि वो किसी धमकी से डरने वाले नहीं। बता दें कि इससे पहले ज्ञानवापी परिसर का सर्वे कराने तथा वजूखाने को सील कारने का आदेश देने वाले सिवल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर को भी धमकी भरा पत्र मिला था।

पत्र में लिखा है, तेरे दोस्त कमलेश के पास पहुंचा देंगे

अरुण पाठक ने मीडिया को बताया कि धमकी भरे पत्र में लिखा है कि "तुझे भी तेरे दोस्त कमलेश तिवारी और कन्हैया लाल के तक बहुत जल्द पहुंचा दिया जाएगा। नुपुर शर्मा का साथ देने वालों का जो हश्र किया है तेरा भी वैसा ही हाल करेंगे। तेरे और तेरे जैसों के रहते हुए हम लोगों का गजवा-ए-हिंद का सपना कभी पूरा नहीं होगा। ऐसे में तेरे और तेरे परिवार का खात्मा जरूरी है।" पत्र के नीचे लिखा है, "हम हैं नबी के नेक बंदे, दारुल इस्लाम।"

अरुण पाठक ने कहा, मेरे शरीर में जब तक जान रहेगी तब तक जिहादियों का सपना नहीं होगा पूरा

बता दें कि अरुण पाठक पहले शिव सेना में थे लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना ने जब कांग्रेस से हाथ मिला लिया तो उन्होंने पार्टी छोड़ दी और नया संगठन बना लिया। वो ज्ञानवापी परिसर स्थित मां शृंगार गौरी मंदिर में नियमित दर्शन-पूजन के लिए करीब तीन दशक से संघर्षरत हैं। इस्लाम के विरोध और हिंदुत्व के समर्थन में लगातार बयान देते रहते हैं। अरुण पाठक ने वीडियो और धमकी भरी चिट्‌ठी जारी कर कहा कि "हम ऐसी हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। हम बाला साहब ठाकरे के शिष्य हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी। सनातन धर्म के लिए हमारी आवाज हमेशा बुलंद रहेगी।

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