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ज्ञानवापी केस: दक्षिणी तहखाना मामले में विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने पक्ष रखने के लिए मांगा समय, कल होगी सुनवाई

Gyanvapi Case: वाराणसी की ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी का तहखाना डीएम की निगरानी में सौंपने और दोबारा पूजा शुरू करने की अनुमति देने संबंधी याचिका को स्थानांतरित करने के संबंध में विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट कल यानी शनिवार को जिला जज की अदालत में अपना पक्ष रखेगा।

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दक्षिणी तहखाना मामले में विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने पक्ष रखने के लिए मांगा समय, कल होगी सुनवाई

Gyanvapi Case: वाराणसी की ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी का तहखाना डीएम की निगरानी में सौंपने और दोबारा पूजा शुरू करने की अनुमति देने संबंधी याचिका को स्थानांतरित करने के संबंध में विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट कल यानी शनिवार को जिला जज की अदालत में अपना पक्ष रखेगा। आज यानी शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान मंदिर ट्रस्ट के अधिवक्ता रवि कुमार पांडेय ने जिला जज डॉ. अजयकृष्ण विश्वेश से अपना पक्ष रखने के लिए कुछ समय देने की मांग की। इस पर अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 30 सितंबर तय कर दी है।

वादी की ट्रांसफर अर्जी सुनवाई के योग्य नहीं है: अधिवक्ता मुमताज अहमद
बता दें, सोमनाथ व्यास के नाती शैलेन्द्र कुमार पाठक व्यास ने बीते 25 सितंबर को दाखिल वाद में कहा था कि वर्षों से ज्ञानवापी परिसर का दक्षिणी तहखाना व्यासजी के परिवार के कब्जे में रहा है। साल 1993 से पहले उनके पूर्वज वहां पूजा-पाठ करते रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार के एक आदेश पर तहखाने को लोहे की बैरिकेडिंग से घेर दिया गया, जिससे कि पूजा-पाठ बाधित हो गया। वर्तमान समय में नंदीजी के सामने स्थित तहखाने का दरवाजा खुला है। उस जगह वादी और उनके परिवार को जाने से रोका जाता है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की तरफ से तहखाने पर कब्जा किया जा रहा है। इस संबंध में वादी की ओर से दाखिल एक वाद लोअर कोर्ट में भी लंबित है। उसे जिला जज अपनी कोर्ट में ट्रांसफर कर सुनवाई करें।

शैलेन्द्र व्यास की याचिका पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दर्ज की है। उनके अधिवक्ता मुमताज अहमद ने दावा किया है कि वादी की ट्रांसफर अर्जी सुनवाई के योग्य नहीं है। उनका कहना है कि जिस लोअर कोर्ट में मुकदमा पहले दाखिल किया गया है, वही कोर्ट ट्रांसफर की अर्जी की मांग करने के योग्य है। बता दें, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी वादी की ट्रांसफर अर्जी को खारिज करने की मांग कर रहे हैं।