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बनारस में गंगा का घटाव तेज पर बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें जस की तस

अगले तीन दिनों में गंगा के दो मीटर घटने का पूर्वानुमान। शुक्रवार की शाम दो सेमी की दर से घटा जलस्तर।

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Varanasi Uttar Pradesh

Aug 26, 2016

Flood in Banares

Flood in Banares

वाराणसी. बनारस में गंगा में जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा था तब घटाव ने भी तीव्रता पकड़ ली है। शुक्रवार की शाम तक यहां जलस्तर में घटाव की रफ्तार दो सेमी प्रतिघंटा की दर पकड़ चुकी है। गंगा के जलस्तर में घटाव भले तेज हो रहा हो, पर बाढ़ से घिरे बनारस के लोगों की मुश्किलें अभी भी उतनी ही हैं। नक्खीघाट से लेकर सामने घाट और जिले के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी अभी भरा हुआ है। हालांकि कुछ जगह सड़कों से बाढ़ का पानी साफ हो गया है। पर अभी भी परेशानी जस की तस बनी हुई है। वरुणा तट के के इलाकों में भी बाढ़ के बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वाराणसी में शुक्रवार की शाम दो सेमी प्रति घंटे की दर से घटाव के बाद शाम सात बजे तक गंगा 72.35 मीटर पर बह रही है। उधर बाढ़ को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी स्कूलों को 28 अगस्त तक पहले ही बंद करा दिया है। प्रशासन और स्वयं सेवी संस्थाएं बाढ़ पीड़ितों को राहत समाग्री और खाना पहुंचाने में जुटी हैं। शहर और गांव के बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों के जरिये ही आवागमन हो रहा है। तकरीबन 50 हजार लोग बाढ़ के चलते घर बार छोड़ चुके हैं।




बनारस में गंगा का जलस्तर शुक्रवार की शाम सात बजे उच्चतम स्तर 73.901 से एक मीटर 10 सेमी नीचे 72.20 पर रहा। केन्द्रीय जल आयोग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि वाराणसी में शनिवार की सुबह आठ बजे तक गंगा में उतार की रफ्तार तीन से चार सेमी की दर से रहने और जलस्तर 72.09 मीटर पर रहने की संभावना है। यदि मूसलाधार बारिश नहीं हुई और पीछे के किसी बांध से पानी नहीं छोड़ा गया तो अगले तीन दिनों में गंगा का जलस्तर डेढ़ से दो मीटर नीचे आ जाएगा। उतार की स्थिति फाफामऊ में चार सेमी, इलाहाबाद व मिर्जापुर में तीन-तीन सेमी है। गाजीपुर और बलिया में उतार थोड़ा धीमा है। गाजीपुर में हर चार घंटे पर जलस्तर एक सेमी और बलिया में दो घंटे पर एक सेमी जलस्तर नीचे उतर रहा है।



जिला प्रशासन बनारस में बाढ़ के हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। कंट्रोल रूम 24 घंटे एक्टिव है और बाढ़ राहत चैकियों के जरिये पीड़ितों की मदद की जा रही है। शुक्रवार का संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभरनाथ मिश्र ने संकटमोचन फाउण्डेशन की ओर से बाढ़ पीड़ितों को राहत समाग्री वितरित कराई। संकल्प संस्था की ओर से भी बड़ी तादाद में बाढ़ पीड़ितों को राहत समाग्री और खाने के पैकेट दिये गए। उधर जमीयतुल अंसार आर जमीयत उलेमा बनारस ने भी बाढ़ पीड़ितों को खाने के पैकेट, दूध, सूखे खाद्य पदार्थ और माचिस व मोमबत्ती आदि बांटी गई। चिकित्सा विभाग के अलावा कई संस्थाओं ने स्वास्थ्य शिविर भी लगाए और नाव के जरिेये लोगों को दवाइयां और पानी के बोतल बांटे।



जिला प्रशासन की ओर से भी बाढ़ राहत का काम जारी है। सामने घाट से लेकर नक्खीघाट और वरुणा तट के डूबे हुए इलाकों के साथ ही जिले के बाढ़ग्रस्त ग्रामीण इलाकों में नाव से खाद्य समा्ग्री, खाने के पैकेट और अन्य राहत समाग्री भिजवाई जा रही है। नावें बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बदस्तूर शाम छह बजे तक चलाई जा रही हैं। बाढ़ के चलते घरबार छोड़ चुके लोगों के लिये लगे कैंपों का भी प्रशासनिक अधिकारियों ने शुक्रवार को दौरा किया। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम विजय किरन आनंद ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य में किसी भी किस्म की कोई कोताही नहीं होनी चाहिये।



नगर निगम भी लगातार प्रशासन के साथ सामंजस्य बैठाकर बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य में जुटा हुआ है। पीने के पानी की व्यवस्था नगर निगम ने संभाल रखी है। इसके अलावा शहर के ऐसे इलाके जहां सीवर बाढ़ के चलते ओवरफ्लो हो गए हैं, वहां से जल निकासी कराई जा रही है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है, ऐसे में वहां छिड़काव कराया जा रहा है ताकि बीमारियां न फैलें।

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