आगरा। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का बटेश्वर पैतृक स्थान था। उन गलियों में बचपन की यादें बसी है। अटलजी की मृत्यु के बाद उनके पैतृक गांव में अस्थि विसर्जन ना होने से सभी मायूस है। वहीं गांव में विकास नहीं होने पर भी स्थानीय नागरिकों में रोष है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बटेश्वर में आने की सूचना है।
योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं इनका निरीक्षण
योगी आदित्यनाथ बटेश्वर में जंगलात की कोठी, बटेश्वर के प्रमुख मंदिर, यज्ञ स्थल, 108 मंदिरों की श्रृंखला, अटल बिहारी वाजपेयी के जर्जर आवास, जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ शौरीपुर का निरीक्षण करेंगे। हालांकि अभी योगी आदित्यनाथ का आधिकारिक कार्यक्रम प्रशासन को नहीं मिला है।
विकास से कोसों दूर हैं बटेश्वर
वहीं राष्ट्रीय बजरंग दल के आगरा के विभागाध्यक्ष गोविंद पराशर ने ऐलान किया है। कि बटेश्वर क्षेत्र की सरकार अनदेखी कर रही है। जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना प्रशासन को मिली थी और योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की थी कि बटेश्वर को संरक्षित स्थल बनाया जाएगा। तब प्रशासन ने रातों रात सड़क बनवाई और बिजली के खंभे लगवा दिए। उस समय लगा कि बटेश्वर का भाग्य बदलेगा। लेकिन, जैसे ही कार्यक्रम स्थगित हुआ, लाइटों को निकलवा कर ले गए। सड़क बरसात के पानी को झेल नहीं सकी। एक भी मंत्री, सांसद या विधायक पैतृक गांव में नहीं गया। इन्हीं समस्याओं को लेकर गोविंद पाराशर ने अनशन शुरू कर दिया है। उनकी मांग है कि बटेश्वर में मंदिरों की साफ सफाई की जाए, सड़क बनवाई जाए। जब तक ये मांग पूरी नहीं होंगी वे अनशन पर रहेंगे।