29 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आगरा
मिजोरम की मां का बड़ा दिल, ब्रेन डेड बेटे के अंग दान से चार जिंदगियां रोशन
Play video

मिजोरम की मां का बड़ा दिल, ब्रेन डेड बेटे के अंग दान से चार जिंदगियां रोशन

Ahmedabad news video: मां के लिए बेटा उसके कलेजे का टुकड़ा होता है, लेकिन जब वही बेटा हमेशा के लिए दूर चला जाए तो उस दर्द की कल्पना भी मुश्किल है। ऐसे ही गहरे दुख के बीच मिजोरम की एक मां ने अद्भुत साहस और मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपने ब्रेन डेड बेटे […]

Google source verification

Ahmedabad news video: मां के लिए बेटा उसके कलेजे का टुकड़ा होता है, लेकिन जब वही बेटा हमेशा के लिए दूर चला जाए तो उस दर्द की कल्पना भी मुश्किल है। ऐसे ही गहरे दुख के बीच मिजोरम की एक मां ने अद्भुत साहस और मानवता की मिसाल पेश करते हुए अपने ब्रेन डेड बेटे के अंग दान करने का फैसला लिया। इस निर्णय से चार जरूरतमंदों को नया जीवन मिल सका।मिजोरम के मामित जिले के तुइपुइबारी गांव निवासी 24 वर्षीय मोइंगसुहा अपनी बहन से मिलने अहमदाबाद आए थे। 25 अप्रेल को शहर के मेम्को ब्रिज के पास हुए एक गंभीर सड़क हादसे में उनके सिर पर गहरी चोट लगी। उन्हें तत्काल अहमदाबाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिन तक इलाज चला। मंगलवार को डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।

यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन इसी मुश्किल घड़ी में मां ने हिम्मत दिखाते हुए अंगदान का निर्णय लिया। मोइंगसुहा का हृदय, लीवर और दोनों किडनी दान की गईं, जिससे चार मरीजों को नया जीवन मिल सका।

मेडिसिटी में ही अंग प्रत्यारोपण

दान में मिले अंगों का प्रत्यारोपण अहमदाबाद के सिविल मेडिसिटी कैंपस के ही अस्पतालों में किया गया। हृदय का प्रत्यारोपण यू.एन. मेहता अस्पताल में हुआ, जबकि लीवर और किडनी का प्रत्यारोपण इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में किया गया।

सिविल अस्पताल में 238वां दान

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी के अनुसार यह 238वां दान था। अब तक यहां ब्रेन डेड 238 मरीजों के कुल 1026 अंगों का दान किया गया है। इनमें सबसे अधिक 439 किडनी, 212 लीवर, 194 आंखें, 76 हृदय, 44 त्वचा, 34 फेफड़े, 6 हाथ और 2 छोटी आंत शामिल हैं। इन अंगों के माध्यम से अब तक 766 लोगों को नया जीवन मिल सका है।

फैल रही है जागरूकता

मिजोरम परिवार का निर्णय साबित करता है कि अब देश के हर कोने में अंगदान की जागरूकता फैल रही है। दु:ख की घड़ी में भी लिया गया यह निर्णय वास्तव में प्रशंसनीय है।

डॉ. राकेश जोशी, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल