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राधास्वामी मत के गुरु दादाजी महाराज ने बताई सतसंग की महिमा
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राधास्वामी मत के गुरु दादाजी महाराज ने बताई सतसंग की महिमा

राधास्वामी मत के आदि केन्द्र हजूरी भवन, पीपलमंडी में पत्रिका से बातचीत में दादाजी महाराज ने कहा कि हमें अपने गुनाहों की हरदम क्षमा मांगते रहना चाहिए।

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आगरा। राधास्वामी मत के वर्तमान आचार्य और आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अगम प्रसाद माथुर (दादाजी महाराज) का कहना है कि हर व्यक्ति की सीमा रेखा है, जिसे पार नहीं करना चाहिए। हमें हरदम अच्छे विचार रखने चाहिए। मुश्किल यह है कि इसका ध्यान ही नहीं रहता है। सतसंग करने से यह संभव है। राधास्वामी मत के आदि केन्द्र हजूरी भवन, पीपलमंडी, आगरा में पत्रिका से बातचीत में दादाजी महाराज ने कहा कि हमें अपने गुनाहों की हरदम क्षमा मांगते रहना चाहिए। चित्त को मालिक के चरणों में लगाएं। गुरु के सामने अपने सारे अवगुणों को स्वीकार करें। मालिक यानी राधास्वामी फौरन क्षमा कर देते हैं। वे आए ही क्षमा करने के लिए हैं। वे आए ही दया करने के लिए हैं। वे प्रेम की बख्शीश देने आए हैं।