अहमदाबाद शहर के असारवा इलाके में स्थित अहमदाबाद सिविल अस्पताल में नवरात्र से पहले गुप्त दान के तहत 167 वां अंगदान हुआ। सड़क दुर्घटना में घायल एक युवक के सिर में गंभीर चोट लगने से रक्तस्राव हुआ था। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान 28 सितंबर 2024 को डॉक्टरों ने युवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने अंगदान के बारे में परिवार के सदस्यों को बताया तो उन्होंने ब्रेन डेड युवक के अंगों को दान में देने का निर्णय किया और स्वीकृति दी। इस पर ब्रेनडेड युवक के सात अंगों का दान लिया गया। इसमें एक लीवर, दो किडनी, दो फेफड़े और दो आंखें शामिल हैं। इन अंगों के जरिए चार लोगों को नई जिंदगी मिलेगी।
अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने कहा कि गुप्त अंग दान के माध्यम से किए इस अंगदान के तहत यह 167 वें ब्रेनडेड व्यक्ति का अंगदान था। इससे अस्पताल में कुल 541 अंग दान किए गए हैं। जिससे 524 लोगों को जीवनदान मिल चुका है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में दान में मिलने वाली किडनी की संख्या 300पर पहुंच गई है। 145 लिवर, 51 दिल, 28 फेफड़े, 9 पैनक्रियाज, दो छोटी आंत, पांच त्वचा और 114 आंखें दान की जा चुकी हैं।
किडनी,लिवर का किडनी अस्पताल में ट्रांसप्लांट
जोशी ने बताया कि इस गुप्तदान के जरिए दान में मिली दो किडनी और एक लीवर को सिविल मेडिसिन कैंपस में स्थित किडनी अस्पताल के जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित किया जाएगा।
फेफड़े ग्रीन कॉरिडोर बनाकर निजी अस्पताल भेजे
जोशी ने बताया कि दान में मिले फेफड़ों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उसके माध्यम से अहमदाबाद के वैष्णोदेवी सर्कल के पास स्थित केडी अस्पताल भेजा गया। जहां भर्ती मरीज में उन्हें प्रत्यारोपित किया जाएगा। इस अंगदान में मिली दो आंखों का दान सिविल मेडिसिटी कैंपस के एम एंड जे हॉस्पिटल ने स्वीकार कर लिया, जिनके प्रत्यारोपण के जरिए हम दो लोगों को नई रोशनी दे सकेंगे।