Ahmedabad: प्रतिबंधित साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस फेन्टानिल बनाने के लिए जरूरी प्रीकर्सस (कच्चेमाल-केमिकल्स) को गलत जानकारी के आधार पर विदेश भेजने का Gujarat ATS गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने पर्दाफाश किया है।
इस मामले में सूरत में दो अलग-अलग केमिकल्स कंपनी चलाने वाले दो लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए इन्हें मंगलवार को गिरफ्तार किया है। इसमें एक महिला भी शामिल है। इन्हें अदालत में पेश किया जहां से तीन दिन का रिमांड मंजूर किया गया।गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि फेन्टानिल एक प्रतिबंधित ड्रग्स है जिसे अमरीका सहित कई अन्य देशों ने प्रतिबंधित किया है। इसे बनाने के लिए उपयोग में लिए जाने वाले कई अन्य केमिकल्स (प्रीकर्सस-कच्चे माल) को भी भारत और अन्य देशों में प्रतिबंधित किया है।
ऐसे प्रतिबंधित कच्चे माल को फर्जी एन्ड यूजर सर्टिफिकेट और फर्जी बिल के जरिए भारतीय कंपनियों से खरीदकर एयर कार्गो के जरिए मेक्सिको और ग्वाटेमाला की कंपनियों को भेजा जाता था। यह काम सूरत की तीन कंपनियों एथोस प्राइवेट लिमिटेड, अग्रत केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स तथा एसआर केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स की ओर से किए जाने की नवंबर 2024 में एटीएस की टीम को सूचना मिली थी।इस जानकारी के आधार पर लगातार नजर रखी गई। इस दौरान पाया कि इन कंपनियों के मुख्य हिस्सेदार सतीश सुतरिया और युक्ता कुमारी मोदी की लिप्तता सामने आने पर इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
विटामिन सी बताकर भेजते थे विदेश: जोशी ने बताया कि जांच में पता चला कि ये दोनों आरोपी प्रतिबंधित ड्रग्स फेन्टानिल बनाने के लिए कच्चे माल के रूप में 1-बीओसी-4-पाईपेराइडॉन और 4 पाइपेराइडॉन का इस्तेमाल करते थे। यह मटीरियल यूएन के इंटरनेशनल नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड (आईएनसीबी) की ओर से प्रतिबंधित और रेड लिस्ड में है। यह भारत सरकार के सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) की ओर से भी इंटरनेशनल स्पेशल सर्वेलेंस लिस्ट में शामिल है। मटीरियल को फर्जी एन्ड यूजर सर्टिफिकेट के जरिए प्राप्त करके, फर्जी बिल बनाकर उसे विटामिन सी व अन्य पदार्थ बताकर एयर कूरियर के जरिए मेक्सिको और ग्वाटेमाला भेजते थे। ग्वाटेमाला की जे एंड सी इम्पोर्ट कंपनी को 4-एनिलिनो-एनफेनेथिलपाइपेराइडाइन (एएनपीपी) और एनपीपी जैसे भारत में साइकोट्रोपिक कंट्रोल्ड सबस्टेंट भी विदेश भेजने की तैयारी में थे। जे एंड सी इम्पोर्ट कंपनी ग्वाटेमाला की कुख्यात सिनालोआ कार्टेल से जुड़ी होने की संभावना है।