3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अहमदाबाद

No video available

Ahmedabad: गणपति बप्पा को नाचते-गाते दी विदाई

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणपति की प्रतिमाओं घर, सोसायटी, मोहल्लों, कार्यालयों में स्थापना करने वाले श्रद्धालुओं ने मंगलवार को नाचते-गाते बप्पा को विदाई दी। शहर में बड़ी संख्या में गणपति प्रतिमाओं दोपहर से ही विसर्जित करने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चला।अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से शहर में […]

Google source verification

गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणपति की प्रतिमाओं घर, सोसायटी, मोहल्लों, कार्यालयों में स्थापना करने वाले श्रद्धालुओं ने मंगलवार को नाचते-गाते बप्पा को विदाई दी। शहर में बड़ी संख्या में गणपति प्रतिमाओं दोपहर से ही विसर्जित करने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो देर रात तक चला।अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से शहर में 49 जगहों पर 51 विसर्जन कुंड बनाए गए थे, ताकि प्रतिमाओं को साबरमती नदी में विसर्जित न करके इन कुंडों में विसर्जित किया जाए। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कुंडों के पास क्रेनों की व्यवस्था भी की गई थी।

मराठी-गुजराती संस्कृति की दिखी झलक

गणेश महोत्सव के दौरान 10 दिनों तक बप्पा की स्थापित प्रतिमाओं की पूजा अर्चना करने के बाद मंगलवार को विसर्जन के दौरान विसर्जन कुंडों के आसपास न गुजराती,मराठी संस्कृति की झलक देखने को मिली। महाराष्ट्र के लोग अपने पारंपरिक वेशभूषा में बप्पा की प्रतिमा को विसर्जित करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बप्पा की प्रतिमा के साथ गरबा भी किया। कोई दुपहिया वाहन से तो कोई पैदल, कोई कार से तो कोई मिनी ट्रक में बप्पा की प्रतिमा लेकर कुंड के पास पहुंच रहा था।

कई लोगों ने घरों पर ही किया विसर्जन

बीते कुछ सालों से इको फ्रेंडली प्रतिमाओं का चलन बढ़ा है। ऐसे में कई लोगों ने बप्पा की इको फ्रेंडली मिट्टी की प्रतिमा घरों में स्थापित की थी, जिससे उसे विसर्जित करने के लिए वे विसर्जन कुंड नहीें गए बल्कि उन्होंने घर की छत पर ही पूजा अर्चना के बाद डोल में प्रतिमा का विसर्जन किया।