Ahmedabad. गुजरात की राजधानी गांधीनगर के अडालज से पकड़े गए डॉ.अहमद सैयद और बनासकांठा से पकड़े गए मो.सुहेल व आजाद शेख की पूछताछ, उनके घरों की जांच और सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच में इनके प्रतिबंधित आतंकी संगठन आइएसआइएस व आइएसकेपी से जुड़ाव के सबूत मिले हैं। मो.सुहेल के उत्तर प्रदेश स्थित घर की जांच करने पर एक काले रंग का फ्लैग मिला है, जिसमें उर्दू में कुछ लिया है।
जांच एजेंसी गुजरात एटीएस का दावा है कि काले रंग का यह फ्लैग प्रतिबंधित संगठन आइएसआइएस से जुड़ा है। इतना ही नहीं, डॉ. अहमद सैयद के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी पता चला है जिसकी जांच करने पर उसमें भी उसने आइएसआइएस से जुड़ा काले रंग का फ्लैग लगा रखा है, जिसमें उर्दू में कुछ लिखा गया है। वह आइएसआइएस से जुड़ा है।
डार्क वेब के जरिए संपर्क करता था डॉ.अहमद
एटीएस सूत्रों ने बताया कि आरोपी डॉ.अहमद की जांच, पूछताछ, उसके घर और उसके पास से मिले सबूतों , मोबाइल फोन की जांच में सामने आया कि ये डार्क वेब के जरिए उसके साथियों से संपर्क करता था। यह ज्यादातर कोड वर्ड में बातचीत करता था। इसके पास से सोशल मीडिया पर कैसे खुद की पहचान को छिपाए रखते हुए बातचीत की जा सकती है। कैसे इंटेलीजेंस एजेंसियों को चकमा देकर संपर्क कर सकते हैं, उससे जुड़ा साहित्य भी मिला है। एजेंसियों के तहत इस साहित्य को डॉ.अहमद को उसके हैंडलर ने भेजा था। यह हैंडलर अबू खदीजा बताया जाता है। एटीएस को अबू खदीजा की भी तलाश है।
अहमद ने ऑनलाइन खाई थी कसम, मिले सबूत
एटीएस के तहत संदिग्ध डॉ. अहमद को लेकर जांच में खुलासा हुआ है कि उसने उसके हैंडलर अबू खलीजा के समक्ष बाया (कसम) खाई थी कि ‘वह एक बड़ा काम करेगा’। एटीएस को इस बाया से जुड़े डिजिटल सबूत भी मिले हैं।
विवाहित अहमद की पत्नी ने दो माह में ही छोड़ा
एटीएस की जांच में सामने आया कि डॉ.अहमद सैयद विवाहित है। विवाह के महज दो महीने बाद ही उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था। आशंका है कि उसकी पत्नी इसकी कट्टर सोच और खूंखार इरादों को भांप गई थी, जिससे उसने इसका साथ छोड़ दिया।