Ahmedabad. गुजरात पुलिस ने राज्य की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए विशेष अभियान चलाते हुए 100 घंटे में 31834 आरोपियों के मौजूदा कामकाज और आवास की जांच की। साथ ही इन आरोपियों का दस्तावेज भी तैयार किया। ये सभी ऐसे आरोपी हैं, जिनके विरुद्ध गुजरात में बीते 30 वर्षों में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से लिप्त मामले दर्ज हुए हैं और उनकी गिरफ्तारी हो चुकी थी।
इनमें यूएपीए, टाडा, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव एक्ट और फेक करेंसी जैसे गंभीर मामलों में पकड़े गए आरोपियों की वर्तमान गतिविधियों और नौकरी संबंधी जानकारी जुटाई गई।
37 फीसदी से रूबरू पूछताछ, 2326 की मौत
डीजीपी विकास सहाय ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि 31834 आरोपियों की जांच के दौरान 11,880 आरोपी यानी 37 फीसदी उनके घर पर मिले। इन सभी के डॉजियर तैयार किए गए हैं। वहीं 2,326 आरोपी अब जीवित नहीं हैं। 3,744 आरोपियों ने अपने पते बदल दिए हैं, जिनके नए पते पर भी जांच की जाएगी। 4,506 आरोपी गुजरात राज्य से बाहर के हैं।
राज्य बाहर के आरोपियों की जांच कर डॉजियर तैयार किए जाएंगे
डीजीपी ने बताया कि पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। अब दूसरे चरण में राज्य से बाहर के और राज्य बाहर स्थानांतरित हुए आरोपियों की जांच कर उनके डॉजियर तैयार किए जाएंगे। ऐसे करीब 14 फीसदी लोग हैं। इसके लिए विशेष एसओपी बनाई गई है, ताकि राष्ट्रविरोधी तत्वों पर स्थायी और कड़ा नियंत्रण रखा जा सके।
दिल्ली विस्फोट के बाद दिए थे निर्देश
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए विस्फोट के बाद गुजरात पुलिस हरकत में आई थी। इसके बाद गुजरात पुलिस के डीजीपी ने इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। 17 नवंबर को सभी पुलिस अधीक्षकों, पुलिस आयुक्तों के जरिए सभी थानों को फिर से निर्देश देकर 100 घंटे में चेकिंग करने और मौजूदा मिलने वाले लोगों की पूछताछ करने को कहा था।