Rajkot. शहर के इएनटी सर्जन डॉ. हिमांशु ठक्कर ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में तीन रिकॉर्ड दर्ज कराकर हैट्रिक बनाई।
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026 के जनवरी के संस्करण में मेडिकल मार्वेल्स सेक्शन में डॉ. ठक्कर ने दो रिकॉर्ड बनाए।
पहले रिकॉर्ड के तहत उन्होंने राजकोट के 47 साल के मरीज की नाक से 10 सेमी गुणा 3.5 सेमी गुणा 1 सेमी आकार का अब तक का सबसे बड़ा मस्सा एंडोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक निकाला।
दूसरा रिकॉर्ड श्वासनली में फंसे सबसे बड़े 2 सेमी गुणा 1 सेमी आकार का चीकू का बीज निकालकर बनाया। मोरबी जिले के वांकानेर की 55 साल की महिला मरीज की श्वासनली में लगभग दो महीनों तक चीकू का यह बीज फंसा हुआ था।
इससे पहले, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2025 के मार्च के संस्करण में भी डॉ. ठक्कर को राजकोट के 55 साल के पुरुष मरीज की नाक से 8 सेमी गुणा 2.5 सेमी आकार का मस्सा एंडोस्कोपिक सर्जरी से बिना किसी जटिलता के निकालने के लिए रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज कराया नाम
इसके अतिरिक्त, वर्ष 2023 में डॉ. हिमांशु ठक्कर ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी नाम दर्ज कराया। उन्होंने 10 साल के बच्चे की श्वास नली से प्लास्टिक की सीटी (व्हिसल) को एंडोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक निकाला, जो लगभग 7 वर्षों से फंसी हुई थी। यह बच्चा गिर सोमनाथ जिले की सुत्रापाडा तहसील के माटणा गांव का निवासी था।