अजमेर. संभाग मुख्यालय के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के शिशु औषध विभाग (चिल्ड्रन वार्ड) में पिछले 24 घंटे में करीब 5 बच्चों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रैफर होकर आए गंभीर नवजात ने उपचार के दौरान दम तोड़ा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन संक्रमण से इंकार कर रहा है।
जेएलएन मेडिकल कॉलेज के जेएलएन अस्पताल में शिशु रोग विभाग की न्यू बॉर्न केयर यूनिट, आईसीयू एवं वार्ड में ५ मासूम बच्चों की पिछले 24 घंटे में मौत की घटना के बाद रविवार सुबह मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. वीर बहादुर सिंह, अधीक्षक डॉ. अनिल जैन, विभागाध्यक्ष डॉ. पुखराज गर्ग ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद प्रिंसीपल डॉ. सिंह ने सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होने एवं सभी 53 वार्मर दुरुस्त होने का दावा किया। मगर जब उनसे बच्चों की मौत के आंकड़े जानने चाहे तो उन्होंने पहले इंकार किया और बाद में एसेंसी रिपोर्ट मांगने बात कर शाम तक मामला टालते रहे। शाम को पुष्टि की गई।
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इनका कहना है
निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं सुचारू मिली है। सभी ५३ वार्मर दुरुस्त हैं। जनाना अस्पताल में जेएलएन में सभी माकूल व्यवस्था की गई है। यहां बच्चे गंभीर हालत में रैफर होकर आते हैं। इनमें अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा जिले के बच्चे हैं। प्री-मैच्योर व गंभीर हालत में बच्चों की केयर के लिए पर्याप्त सुविधाएं व उपकरण उपलब्ध हैं।
-डॉ.वी.बी. सिंह, प्रिंसीपल जेएलएन मेडिकल कॉलेज