
ब्यावर. रामद्वारा में श्रीमद भावगत कथा के दौरान संत रामस्वरूप शास्त्री ने कहा कि मानव जीवन दुर्लभ है लेकिन क्षण भंगुर है। फिर भी हम भगवान से माया ही मांगते है। जबकि प्रभु से भक्ति व माया से मुक्ति मांगनी चाहिए। पूर्णाहूति के दौरान विभिन्न प्रसंगों का वाचन किया गया। कथा में रामप्रसाद मित्तल, ओम दगदी, कैलाश झालानी, ओम प्रजापति, नवीत गुप्ता, मोहन भरवानी आदि मौजूद रहे।