
अजमेर.अजमेर विद्युत वितरण निगम में 2.22 करोड़ के गबन के मामले में तीन माह से फरार निलंबित सहायक प्रशासनिक अधिकारी अन्नपूर्णा सैन व उसके सहयोगी अमित वर्मा को क्रिश्चियनगंज पुलिस ने शनिवार को सवेरे ही अदालत में पेश कर रिमांड मांगा। अदालत ने आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के आदेश दिए। आरोपियों को अब 19 मार्च को फिर से अदालत में पेश किया जाएगा।
किस के खातों में डाली राशि पुलिस अनुसंधान के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि गबन की राशि को किन किन लोगों के खातों मेंं डाला गया व उस राशि को उस व्यक्ति ने उपयोग में लिया। या उससे कुछ खरीदारी की आदि की जानकारी मिलेगी। पुलिस बैंक एंट्रियों का भी पता लगा रही है जिसके जरिए राशि को अन्य खातों में किया गया। अनुसंधान में आरोपित अन्नपूर्णा के सहयोगी अमित से भी पूछताछ होगी। हालाकि अब तक हुई पूछताछ में डिस्कॉम के कुछ अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। यह है मामला 17 दिसम्बर 2018 को मुख्य लेखा अधिकारी बनवारीलाल शर्मा ने वाणिज्य सहायक प्रथम पद पर पदस्थापित हुई। अन्नपूर्णा सैन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसमें आरोप है कि जनवरी 2017 से 27 जून 2018 तक रोकडिय़ा का काम कर रही थी। इस दौरान अनाधिकृत रूप से बैंक खातों से पैसा निकाला गया। यह रकम निर्धारित वेतन राशि से अधिक निकाली गई। गबन नकली दस्तावेजों से किए गए। यह दस्तावेज भी नष्ट कर दिए गए। तुरत फुरत पेश किया आमतौर पर पुलिस आरोपियों को थाने से दोपहर बाद ही या भोजनावकाश बाद पेश करती है। अन्नपूर्णा के मामले में पुलिस ने शनिवार सुबह अदालत समय शुरू होने के कुछ देर बाद ही जल्दी ही पेश कर दिया। इससे पहले की मौके पर भीड़ एकत्र हो या मीडिया पहुंचे पुलिस आरोपियों को पुन: थाने ले गई। इतनी जल्द पेश करने को लेकर भी अदालत परिसर में खासी चर्चा रही।