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एक दिन में प्रिंसीपल बन गई स्कूल में पढऩे वाली बालिका
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एक दिन में प्रिंसीपल बन गई स्कूल में पढऩे वाली बालिका

संस्थाप्रधान की भूमिका में दिनभर सजग रहीं बेटियां
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अजमेर

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Chandra Prakash Joshi

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Updated: 11 Oct 2019, 8:00 PM IST

अजमेर. जिस स्कूल में बेटियां हमेशा समय पर पहुंच कर प्रार्थना सभा के बाद कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करती हैं, प्रिंसीपल, शिक्षक-शिक्षिकाओं के आदेश की पालना करती हैं उनमें से कुछ चुनिंदा बेटियां आज खुद संस्था प्रधान (प्रिंसीपल) बनीं। संस्था प्रधान की कुर्सी पर जब बेटी बैठी तो उसेे पद की जिम्मेदारी का अहसास हुआ। मगर संस्थान प्रधान के रूप में अनुभव भी अच्छे रहे।

अजमेर शहर में भी राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूलों के साथ अन्य स्कूलों में शुक्रवार को अन्तराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया गया। राजकीय सावित्री बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में बारहवीं की छात्रा (बेटी) टीना चौधरी को संस्था प्रधान की जिम्मेदारी सौंपी। संस्था प्रधान की कुर्सी पर बैठते ही टीना ने सबसे पहले शिक्षक-शिक्षिकाओं का रजिस्टर मंगवाकर उपस्थिति जांची। कक्षावार कालांश व्यवस्था देखने के बाद उन्होंने स्टाफ की शिक्षिकाओं (छात्राओं)को निर्देश दिए कि कोई भी कक्षा खाली नहीं रहनी चाहिए। शिक्षिकाओं को अपने कत्र्तव्य बताए गए हैं। बालिका से प्रिंसीपल की भूमिका में टीना चौधरी ने कम्प्यूटर पर भी काम किया। टीना ने बताया कि एक दिन के लिए प्रिंसीपल का पद बहुत जिम्मेदारी का है, पूरे स्कूल को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस दौरान स्कूल की प्रिंसीपल लीला मणि ने भी उनका मार्गदर्शन किया। कर्नल अरुण अघ्रवाल ने बालिकाओं को सेना में करियर के वबारे में जानकारी दी। छात्राएं रानी लक्ष्मीबाई, इंदिरा गांधी, सुषमा स्वराज, किरण बेदी, चंदा कोचर, सानिया मिर्जा, हीमादास की भूमिका में भी नजर आईं। इसी तरह जिलेभर में सरकारी स्कूलों में एक दिन के लिए स्कूल की होनहार एक बालिका को प्रिंसीपल बनाया बनाया गया। स्कूलों में हुए कई कार्यक्रम अन्तरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। नुक्कड़ नाटक, नृत्य एवं गायन सहित कई कार्यक्रम हुए।