तरुण कश्यप
अजमेर. शहरवासियों के लिए पांच माह पहले तैयार किए गए एलिवेटेड रोड की खामियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही। यातायात बाधित रहना, स्पीड ब्रेकर की बनावट, डिवाइडर कट जैसी समस्याएं अभी पूरी तरह दूर भी नहीं हुई कि अब प्रकाश व्यवस्था की समस्या भी सामने आई है। स्टेशन रोड के उपर से गुजर रही एलिवेटेड रोड पर विद्युत पोल तो लगे हैं लेकिन इनमें प्रकाश नहीं है। लाइट नहीं होने से न केवल दुर्घटना की आशंका बनी रहती है वहीं वारदात की आशंका भी रहती है। अंधेरा होने से दुपहिया वाहन चालकों के बड़े वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। समुचित प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से ऐलिवेटेड रोड से गुजर रहे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सफाई तो हो रही पर कूड़ा नहीं उठाते
एलिवेटेड रोड पर सफाई व्यवस्था भी बेहाल है। यहां दोनों किनारों पर कचरा कूडा करकट वहीं पड़ा रहता है। यहां मशीन रात को कई बार सफाई जरूर होती है लेकिन कचरा वहीं पड़ा रहता है। जो हवा में फैलता रहता है। राहगीरों व दुपहिया वाहन चालकों की आंखों में धूल के कण आने से संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। एलिवेटेड रोड पर कचरा सफाई के बाद किनारे पर जमा रहता है। बारिश में किनारों पर पानी भरने का एक बड़ा कारण भी यही है। कचरे से ब्रिज के ऊपर नालियों पर लगी जालियां जाम हैं।
गश्त की भी नहीं कोई व्यवस्था
एलिवेटेड ब्रिज के ऊपर पुलिस गश्त नजर नहीं आती। इसका फायदा रात को कई नौजवान वाहन चालक उठाते हैं। एक ही दुपहिया पर तीन-तीन जनों को बिठाकर गलत दिशा से फर्राटा भरते दिखते हैं। रात को अंधेरा व सूनापन होने से कई लोग इस पर चढ़ने से कतराते हैं। दिन में भी ओवरलोड ट्रक व ट्रॉलियां इस पर से बेरोक टोक गुजरते देखे जा सकते हैं।
सीसीटीवी कैमरे भी नहीं
शहर के सभी चौराहों को सीसीटीवी कैमरों की जद में लिया जा चुका है लेकिन एलिवेटेड ब्रिज पर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। ऐसे में रात को कोई अनहोनी होने पर तत्काल किसी भी तरह की पुलिस मदद मिलने की गुंजाइश बहुत कम हो जाती है। ऐसे में वारदात की काफी गुंजाइश रहती है।