
अजमेर. गणेश चतुर्थी पर गुरुवार को प्रथम पूज्य और रिद्धी-सिद्धी के दाता भगवान गणेश का धूमाधम से पूजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच घरों और गलियों-मोहल्लों, सार्वजनिक स्थानों पर गणपति प्रतिमाओं की स्थापना हुई। लोगों ने मंदिरों में पार्वती नंदन को लड्डू-मोदक का भोग लगाकर पूजा अर्चना कर जयकारे लगाए। इसके साथ दस दिवसीय गणेश महोत्सव की शुरुआत हो गई।
गणेश चतुर्थी पर सुबह से शुभ मुर्हूत में घरों और मंदिरों में गणेश पूजन प्रारंभ हुआ। लोगों ने प्रथम पूज्य का फूल माला से श्रंगार कर, हरी दूब, बूंदी और बेसन के मोदक, श्रीफल, अगरबत्ती, मीठा पान, और अन्य सामग्री अर्पित कर पूजन किया। आगरा गेट स्थित प्राचीन गणेश मंदिर में तडक़े से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। सुबह 4 बजे मंगला आरती, 5 बजे नित्य आरती हुई। इसके बाद पुरोहितों ने गणपति अथर्वशीष से गणेश पूजन किया गया। लोगों ने लड्डू, फूल-माला चढ़ाकर मंगल कामना की।