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पुष्कर मेला: ढोल की थाप पर नाचे ऊंट
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पुष्कर मेला: ढोल की थाप पर नाचे ऊंट

धोरों में जीवंत हुए पारम्परिक खेल
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अजमेर

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Tarun Kashyap

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Updated: 11 Nov 2024, 2:07 AM IST

पुष्कर. मेला मैदान में रविवार को राजस्थानी लोक परंपरा से जुड़ी खेल प्रतियोगिताओं का बोलबाला रहा। देसी एवं विदेशी पर्यटकों ने धोरों में परंपरागत खेलों का जमकर लुत्फ उठाया। ढोल की थाप पर ऊंट नाचे तो एक टांग पर महिलाओं की दौड़ आयोजित हुई। विदेशी पर्यटकों ने सतोलिया व गुल्ली डंडा खेलकर मेले को रोचक बना डाला।

सतोलिया खेल झूमे पर्यटक

पुष्कर के धोरों में विदेशी पर्यटकों के लिए राजस्थान का परंपरागत सतोलिया खेल बहुत ही मनोरंजक रहा। सबसे पहले आयोजकों ने खेल का डेमो दिया। उसके बाद देसी विदेशी पर्यटकों के बीच गेंद फेंक कर सतोलिया तोड़ने का रोचक खेल खेला गया। इस प्रतियोगिता में स्थानीय एवं विदेशी टीम के 7-7 खिलाड़ियों ने भाग लिया। स्थानीय खिलाड़ियों ने यह खेल 3-0 से जीत लिया।

विदेशियों ने खेला गिल्ली डंडा

पुष्कर पशु मेले में रविवार को विदेशी खिलाड़ियों ने स्थानीय युवकों के साथ गिल्ली डंडा खेला। इसमें भी स्थानीय सात खिलाड़ियों के साथ विदेशी खिलाड़ियों ने भाग लिया। स्थानीय टीम ने इसमें बाजी मारी। पर्यटक टीम हार गई।

लंगड़ी टांग में जीती यूके की डिकैल

पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित लंगड़ी टांग प्रतियोगिता विदेशी महिलाओं के लिए काफी रोचक रही। इस प्रतियोगिता में कुल 18 महिलाओं व युवतियों ने भाग लिया। इनमें 10 स्थानीय महिलाएं थी तथा 8 विदेशी महिला प्रतिभागी थी। इशारा देने के साथ ही कतारबद्ध खड़ी महिलाएं एक टांग पर रेतीले धोरों में दौड़ पड़ी। हालांकि यह खेल बहुत कठिन था लेकिन फिर भी विदेशी प्रतिभागियों ने स्थानीय महिलाओं के साथ एक टांग पर दौड़कर प्रतियोगिता जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यही कारण रहा कि निश्चित सीमा रेखा तक दौड़ते हुए यूके की डिटेल प्रथम स्थान पर रही तथा दूसरे स्थान पर भी डेनमार्क की काया रही।

ऊंटों ने मिलाए कदम से कदम

ऊंट द डांस प्रतियोगिता में ऊंटों ने ढोल की थाप पर कदम से कदम मिलाकर जमकर नृत्य किया। पूरा आयोजन स्थल दर्शकों की तालियों से गूंज उठा। आठ ऊंटों ने ढोल की थाप पर डांस किया। यह विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। किसी ऊंटनी ने पानी की बोतल उठाकर पी तो किसी पशुपालक ने ऊंट के मुंह में अपनी गर्दन देकर साहस का परिचय दिया।