30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर
RPSC: वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी की काउंसलिंग 19 से
Play video

RPSC: वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी की काउंसलिंग 19 से

विस्तृत आवेदन पत्र की दो प्रतियां स्वप्रमाणित दस्तावेजों की एक प्रति के साथ निर्धारित समय पर उपस्थिति देनी होगी।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 13 Dec 2019, 9:17 AM IST

अजमेर. राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए आयोजित वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (senoir scientific offcier)संवीक्षा परीक्षा-2019 के अभ्यर्थियों की काउंसलिंग 19 दिसंबर से शुरू होगी। इसमें अभ्यर्थियों की पात्रता (documents) जांच की जाएगी।

सचिव रेणु जयपाल ने बताया कि राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला ( Forensic Lab) के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी संवीक्षा परीक्षा-2019 का आयोजन किया गया था। अभ्यर्थियों की पात्रता जांच काउंसलिंग के माध्यम से होगी। काउंसलिंग 19, 20 और 23 दिसंबर को सुबह और शाम के सत्र में होगी।

Read More: अजमेर जिले की इस स्कूल में छलकते है जाम

पात्रता जांच के बाद पात्र पाए गए अभ्यर्थियों का परिणाम जारी कर सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जाएगा। पात्रता जांच के लिए अभ्यर्थी 14 दिसंबर से काउंसलिंग (counselling) और विस्तृत आवेदन-पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को विस्तृत आवेदन पत्र की दो प्रतियां स्वप्रमाणित दस्तावेजों की एक प्रति के साथ निर्धारित समय पर उपस्थिति देनी होगी।

Read More: नए साल की पहली तिमाही तक तैयार हो जाएगा आरओबी

यूं चलेगी काउंसलिंग
19 दिसंबर-वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी- आरसन एण्ड एक्सप्लोसिव खंड, अस्त्रक्षेप खंड एवं जैविक खंड
20 दिसंबर-वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी- रसायन खंड, प्रलेख ख.ड एवं नारकोटिक खंड
23 दिसंबर-वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी-फोटो खंड, भौतिक खंड, सीरम एवं विष खंड

Read More: Cash Withdrawal: एटीएम को तोड़े बगैर उड़ाए 80 हजार रुपए

नागरिक संशोधन बिल से नहीं कोई नुकसान

केंद्र सरकार और कानूनी विशेषज्ञों ने बेहद सोच-समझकर नागरिक संशोधन बिल तैयार किया है। इससे बिल से कोई नुकसान नहीं है। मुस्लिम अथवा किसी समुदाय से इससे घबराने अथवा आशंकित होने की जरूरत नहीं है। यह बात दरगाह कमेटी के सदर अमीन पठान ने पत्रकारों से बातचीत में कही।

पठान ने कहा कि केंद्र सरकार ने नागरिक संशोधन बिल पारित किया है। इसको लेकर पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों में तरह-तरह की आशंकाएं उठ रही हैं। मुस्लिम और अन्य समुदाय को बिल से घबराने अथवा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। यह बिल कई बरसों से रहने वाले शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने से जुड़ा है। बिल लागू होने से किसी समुदाय, जाति के अधिकार खत्म नहीं हो जाएंगे। कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों और सरकार ने काफी सोच-समझकर बिल बनाया है। गृहमंत्री ने भी संसद में इसको लेकर स्थिति साफ की है।