
अजमेर. परिवार के सदस्य के साथ हुई दुर्घटना व पीड़ा की जानकारी देकर शातिर ठगों ने दिनदहाड़े मंदिर जा रही वृद्ध महिला को ठगी का शिकार बनाया। ठग महिला के गले से सोने की चेन व कान के टोप्स उतरवा ले गए। पीडि़ता को ठगे जाने का आभास हुआ तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कोतवाली पुलिस ने पीडि़ता के बताए हुलिए के आधार पर तलाश भी की लेकिन सुराग नहीं लग सका।
पीआरपी मार्ग जीपीओ के सामने रहने वाली बंसत गर्ग सुबह मंदिर में देव दर्शन के लिए निकली तो निम्बार्क कोट के पास मिले युवक ने उसको रोक लिया। उसने साथ में मौजूद युवक का परिचय हरिद्वार से आए महाराज व उसके गुरू के रूप में कराया। पीडि़ता ने जब बात करने से इनकार कर दिया तो महाराज के भेस में मौजूद ठग ने परिवार में बड़े बेटे के ऑपरेशन की जानकारी देते हुए पिछले दिनों घटित घटनाक्रम पर बोलना शुरू कर दिया। वह कुछ देर के लिए रूकी तो एक बाद एक परिवार के सदस्यों की जानकारी दे दी। उसने पीडि़ता के गले में पहनी सोने में जड़ी तुलसी की माला को अभिमंत्रित करके देने पर सबकुछ ठीक होने का दावा किया। काफी ना नुकर के पश्चात वह मान गई। माला खोलकर देने पर महाराज ने राम नाम जाप के बाद वापस थमा दी लेकिन बातों में उलझा कर कान के टोप्स और माला खुलवा ली। जिनको एक पुडिय़ा में बांधकर थमा दिया और घर जाकर खोलने की हिदायत दी। घर पर जाकर खोलना पीडि़ता बंसत गर्ग ने बताया कि घटना के वक्त उसको ठगी का आभास हुआ लेकिन आरोपित ने पहली मर्तबा में चेन उतार कर वापस लौटा दी।
दूसरे युवक ने कहा कि उसकी मां की भी तबीयत खराब हो गई थी लेकिन महाराज के मंत्र से ठीक हो गई। आपके भी सबकुछ ठीक हो जाएगा। इसके बाद ठग द्वारा थमाई पुडिय़ा को घर आकर खोला तो उसमें मिट्टी निकली। वह तुरन्त बेटे नरेश के साथ कोतवाली थाने पहुंची। पुलिस ने उसके बताए हुलिए के आधार पर ढूंढने का प्रयास किया लेकिन ठगों का सुराग नहीं लग सका। पहले से रैकी कर वारदात नरेश गर्ग ने बताया कि संभवत: ठग ने उसकी मां के मंदिर जाने और परिवार के सदस्यों के संबंध में पहले से पड़ताल कर ली। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया। ठग करीब साढ़े तीन ताला वजनी चेन व टोप्स उतरवा ले गए। पुलिस ने गर्ग की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।