केकड़ी.कृषि भूमि के नामान्तरण में अनियमितता बरतने के मामले में कार्यवाही करते हुए केकड़ी जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने तहसीलदार बंटी राजपूत एवं नायब तहसीलदार संजय सारस्वत को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। कलक्टर शर्मा ने बताया कि क्षेत्र के ग्राम कोहड़ा में एक कृषि भूमि के नामांतरण के मामले में दोनों अधिकारियों ने अनियमितता बरतते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। जिसके चलते दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
कलक्टर द्वारा जारी आदेश में लिखा गया है कि न्यायालय राजस्व मण्डल अजमेर के विभिन्न रेफरेन्स प्रकरणों में आदेश दिनांक 11.12.2019 में निर्णय राजहित के विपरीत होने से प्रकरण राज्य सरकार स्तर पर अपील/नो अपील बाबत विचाराधीन होने के बावजूद राज हित से विपरीत जाकर ग्राम कोहड़ा की आराजियात का नामान्तकरण अनियमित रुप से दर्ज कर दिया गया। तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार ने उक्त कृत्य अपने पदीय कर्तव्य के विपरीत दर्ज किया है। ऐसे में राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियन्त्रण एवं अपील) नियम 1958 के नियम 13 के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए तहसीलदार व नायब तहसीलदार को तुरन्त प्रभाव से निलम्बित किया जाता है। निलम्बन काल में दोनों अधिकारियों का मुख्यालय राजस्व मंडल अजमेर, राजस्थान अजमेर निर्धारित किया गया है।गौरतलब है कि उक्त प्रकरण की शिकायत मिलने पर जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश चन्द धाकड़ ने मंगलवार को सुबह तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई जिसके बाद दोनों को तुरंत निलंबित कर दिया गया।
जिस 28 बीघा कृषि भूमि के नामांतरण को लेकर तहसीलदार व नायब तहसीलदार पर गाज गिरी है वह ग्राम पंचायत कोहड़ा के सरपंच श्रवण बलाई के नाम दर्ज है। नामांतरण के लिए बलाई ने नगर पालिका केकड़ी में फ़ाइल लगाई थी,मगर मामला रेवेन्यू बोर्ड न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते नामांतरण नहीं खुल सका।23 में से 18 कर्मचारी मिले नदारद – जिला कलक्टर विश्वमोहन शर्मा ने मंगलवार को सुबह तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कार्यरत तहसीलदार व नायब तहसीलदार समेत 23 में से 18 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कलक्टर ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए है।