अजमेर. नौलखा गांव में अपने पालूत श्वान (कुत्ते) को डीजे की पर नचाकर यातना देना तीन युवकों को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर श्वान के डांस का वीडियो वायरल हुआ तो श्रीनगर थाना पुलिस गुरूवार को एक्सन मोड में आ गई। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम से अंजान युवक पुलिस से भी उलझ गए। आखिर पुलिस ने तीनों युवक को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
थानाप्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के संबंध में गुरुवार शाम श्रीनगर थाने को सूचना मिली। वीडियो में तीन युवक स्वयं डीजे पर नाचते हुए अपने पालतू श्वान(कुत्ते) का पैर पकड़कर नचाते हुए यातना देते नजर आ रहे थे। वायरल वीडियो पुलिस पड़ताल में नौलखा गांव को होना सामने आया। प्रकरण की गहन जांच पड़ताल में वीडियो नौलखा गांव का होना पाया गया। पुलिस प्रकरण में नौलखा गांव पहुंची। पुलिस की पड़ताल में तीनों युवक नौलखा निवासी शेरसिंह रावत, फूलसिंह रावत और रामसिंह रावत निकले।
हमारा श्वान तुम कौन..? पड़ा भारी
पुलिस कर्मियों ने तीनों युवक से पालतू श्वान को दी जा रही यातना पर समझाइश का प्रयास किया लेकिन तीनों युवक को पुलिस कर्मी की समझाइश नागवार गुजरी। उल्टा तीनों युवक पुलिस के जवान पर सीनाजोरी करने लगे। उन्होंने पालतू श्वान बताकर जैसे चाहे वैसे नचाये…? तुम कौन होते है..? का रोब झाड़ने लगे। पुलिस के जवान समझाइश करते रहे लेकिन तीनों युवक नहीं माने। पुलिस कर्मियों ने आलाधिकारी को सूचना देकर तीनों युवक को शांतिभंग में आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
क्या है नियम-
पशुओं के प्रति क्रूरता की रोकथाम अधिनियम 1960 अधिनियम है। जो 1960 में जानवरों पर अनावश्यक दर्द या पीड़ा को रोकने और जानवरों के प्रति क्रूरता की रोकथाम से संबंधित कानूनों में संशोधन करने के लिए अधिनियमित किया गया था। अधिनियम में “जानवर” को ‘मनुष्य के अलावा किसी भी जीवित प्राणी’ के रूप में परिभाषित किया गया है।