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ओढ़नी का फंदा लगा कर ली जीवन लीला समाप्त  – मासूम बच्चों  का रो रोकर बुरा हाल
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ओढ़नी का फंदा लगा कर ली जीवन लीला समाप्त – मासूम बच्चों का रो रोकर बुरा हाल

पीसांगन थाना क्षेत्र के रिछमालिया में 38 वर्षीय युवक ने छत पर लगे कड़े से ओढ़नी का फंदा लगाकर संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली।

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अजमेर

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Preeti Bhatt

Jul 03, 2019

संदिग्ध परिस्थितियों में युवक ने की आत्महत्या

 

पीसांगन. पीसांगन थाना क्षेत्र के रिछमालिया में 38 वर्षीय युवक ने छत पर लगे कड़े से ओढ़नी का फंदा लगाकर संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। मामले की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर मामले की जांच शुरू करते हुए मृतक के शव को नीचे उतरवा कर यहां स्थित मोर्चरी पहुंचाया। जहां पर पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर आगे की जांच शुरू की। वही युवक के द्वारा आत्महत्या करने पर मृतक के मासूम 2 पुत्रो व 3 पुत्रियों के अलावा वृद्ध मां बाप का रो रो कर बुरा हाल हो रहा था।

 

थानाधिकारी मुन्नीराम चोयल ने बताया कि उनको सूचना मिली थी। रिछमालिया निवासी लेखराज रेगर ने छत पर लगे कड़े से ओढ़नी का फंदा लगाकर बाल्टी की मदद से आत्महत्या कर ली। सूचना पर उन्होंने हैड कांस्टेबल रामलाल जाट कांस्टेबल विक्रम सिंह शेखावत व भंवरलाल को मौके पर भेजा। जहां उन्होंने मृतक की पत्नी विमला देवी की रिपोर्ट पर मामले की जांच शुरू करते हुए कड़े से लटके मृतक के शव को नीचे उतरवा कर पोस्टमार्टम हेतु मोर्चरी भिजवाया। जहां पर मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर मामले की जांच शुरू कर दी। चोयल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक के द्वारा संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है।

 

परिवार पर टूटा दुखो का पहाड़

घटना की जानकारी मृतक के 10 बड़े पुत्र धीरज के घर जाने पर लगी। मासूम धीरज जब घर पर गया तो उसका पिता कड़े से लटक रहा था। इस पर मासूम धीरज ने मासूमियत से ग्रामीणों को जाकर बताया कि मेरे पापा कड़े पर लटक रहे हैं उन्हें नीचे उतारो। धीरज की सूचना पर मनरेगा में कार्यरत मृतक की पत्नी विमला व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वहीं मोर्चरी में ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के मां बाप वृद्ध होने के साथ ही उनको आंखों से नजर भी नहीं आता है।

 

मृतक चार भाइयों में सबसे छोटा था और इसके दो भाइयों शिवलाल व खेमाराम की पूर्व में मौत हो चुकी है। अब एक भाई हनुमान जिंदा है। साथ ही ग्रामीणो ने बताया कि मृतक के 2 पुत्र 3 पुत्रियां के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी इस पर थी। लेकिन लेखराज के द्वारा आत्महत्या करने के कारण परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।