
अलवर. जिले में गोलाकाबास के समीपवर्ती गांव बिरकड़ी में मंगलवार दोपहर बाद करीब सवा दो बजे खेत में लोहे के तार खींचते समय खेत में पहले से टूटे पड़े पोल व बिजली के करंट प्रवाहित तारों की चपेट में आने से मौके पर ही एक जने की मौत व महिला सहित दो झुलसने के मामले में पुलिस प्रशासन व मृतक के परिजनों में देर रात 11 बजे मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद टहला पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए टहला अस्पताल लेकर गई। बुधवार सुबह पोस्टमार्ट के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले में मृतक के भाई सुरेन्द्र ने विद्युत कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार तार की चपेट में आने से थानागाजी के गांव भांगड़ोली निवासी जगदीश शर्मा की मौत हो गई थी तथा एक महिला सहित दो झुलस गए थे। इस के बाद ग्रामीणों व मृतक के परिजनों ने विद्युत कर्मचारी व अभियंताओं पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खेत में पड़े शव के पास बैठकर प्रदर्शन किया। घटना की सूचना मिलने पर टहला पुलिस व प्रशासन मौके पर जाकर परिजनों से वार्ता की और पास में पड़े बिजली के तार व खेत में गिरे पोल क़ो देखा। परिजनों ने एसडीएम राजगढ़ सीमा खेतान से दोषी विद्युत कर्मियों क़ो सस्पेंड कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने, मुख्यमंत्री कोष व विद्युत निगम से मुआवजा दिलवाने, मृतक की पत्नी क़ो नौकरी दिलाने की मांग को लेकिन प्रशासन व परिजनों के बीच वार्ता सफल नहीं हुई। इसके बाद रात नौ बजे विद्युत निगम राजगढ़ के एक्सईएन डीके शर्मा, टहला एईएन राजेंद्र मेहर घटना स्थल पर पहुंचे और मौका मुआयना देखकर परिजनों से वार्ता की और बिरकड़ी फीडर के तकनीशियन अमर सिंह कोली क़ो निलंबित करते हुए जेईएन के खिलाफ जांच करवाने की बात कही, लेकिन इस पर भी सहमति नहीं बनी।
रात 11 बजे बनी सहमति
इसके बाद रात्रि क़ो पहुंचे थानागाजी सीआई राजेश मीना व टहला पुलिस थाना प्रभारी ने परिजनों व ग्रामीणों से वार्ता कर समझाइश की। दोषियों के खिलाफ जांच करवाने, उचित मुआवजा राशि दिलवाने क़ो आश्वस्त किया। उसके बाद रात करीब ग्यारह बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए।
समझाइश करने पर परिजन मान गए
मामले में ब्रजेश सिंह थाना इंचार्ज टहला के अनुसार देर रात्रि क़ो थानागाजी सीआई राजेश कुमार के साथ परिजनों से वार्ता कर समझाइश करने पर परिजन मान गए। शव क़ो पोस्टमार्टम के लिए टहला सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर सुबह पोस्टमार्टम होने के बाद अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।