
मोतीडूंगरी पर फिटनेस सेंटर के संचालक हरीश शेखर बताते हैं कि बॉडी सप्लीमेंटस का प्रयोग केवल प्रोफेशनल्स को ही करना चाहिए। शरीर प्रकृति की देन है इसलिए इसको बनाने के लिए प्राकृतिक खान पान का ही उपयोग करें। सप्लीमेंटस बॉडी पर तेजी से असर करता है,यदि कुछ भी प्रकृति के विपरीत होता है उसे शरीर सहन नहीं करता है और कुछ समय में ही इसका नेगेटिव असर शरीर पर पडता है। सप्लीमेंटस लेने के बाद अचानक से बंद करने पर इसका साइड इफेक्टस भी पड़ता है। इससे शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिलने की जगह लीवर, हडिडयों आदि को नुकसान पहुंचता है।
इनका कहना है कि जब सामान्य जीवन इन प्रोडक्ट्स के बगैर सुखमयी है तो इन प्रोडक्ट्स की क्या ज़रूरत।
यह बॉडी सप्लीमेंटस शररी की इम्यूनिटी को घटाते नही बल्कि खत्म कर देते और फिर साइलेंट हार्ट अटैक आते हैं। इन प्रोडक्ट्स के सेवन से रक्तचाप बढ़ता है। जिन्हें प्रोफेशनली करियर बनाना है वही इनका सेवन करते है, जो काफी हेवी डोज में होता है जिनका नुकसान शरीर को भुगतना भी होता है,जिसका परिणाम बहुत बुरा होता है। इनका कहना है कि हमें बुजुर्गो की बातों पर अमल करना चाहिए। शरीर की सेहत बनाने के लिए शुद्ध दूध,दही,छाछ,घर का पौष्टिक खाना,खाने का समय और व्यायाम सब नियम से चाहिए ,यही स्वस्थ् जीवन है।