अलवर. जिले के कोटकासिम क्षेत्र में गत दिनों हुई बूंदाबांदी एवं सर्दी से जो नमी बनी हुई थी वह इन दिनों पड रही तेज धूप व हवा के कारण सूख गई है और इसमे गेंहू, जौ एवं चना की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है।
गतदिनों में पाले की मार से सरसों की फसल बर्बाद हो गई थी और अब तेज धूप ने गेंहू को भी नुकसान पहुंचा दिया है। जिसके कारण किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरे देखी जा रही है। क्षेत्र में चार मार्च को हुई हल्की बरसात से रबि की फसलों को संजीवनी मिली थी। लेकिन इस समय तेज हवा व धूप के कारण फसले नष्ट होती दिखाई दे रही है। गौरतलब है कि रबि के इस सीजन मे किसान इलाके में सरसो जौ, गेहंू, चना की फसले लेते है। क्षेत्र में गिरते जल स्तर के कारण सरसों फसल बुवाई का क्षेत्र सर्वाधिक है। लेकिन गत दिनों 15 जनवरी से लगातार पांच छह दिन तक जमकर पाला पडा था। जिससे सरसों की फसल खासकर अगेती सरसों की फसल में भारी नुकसान पहुंचा था। हालात इतने खराब हो गए थे कि दाना सरसों की फसल मे ही मर गया था। इसके बाद 23 व 24 जनवरी को हल्की बूंदाबांदी से मौसम में पुन: बदलाव आया और घना कोहरा बनने से पाला गिरना बंद हो गया था। बरसात से जौ, गेंहू, चना आदि फसलों में लाग सी उम्मीद पुन: पल्लवित हो गई। लेकिन अब मौसम ने पुन: करवट बदली और पिछले कुछ दिनों से दिन के समय तेज धूप खिलने के साथ हवा चलने लगी है। हालांकि धूप खिलने से भले ही लोगों को कडाके की सर्दी से राहत मिली है। लेकिन यह फसलों के लिए नुकसानदायक मानी जा रही है। क्षेत्र मे मध्य जनवरी को पाला गिरने से यहां सरसों की फसल को नुकसान हुआ। वहीं गेंहू की फसल के लिए यह फायदेमंद रहा। लेकिन एक सप्ताह बाद ही अचानक तापमान में बढोत्तरी होने से किसान भयभीत हो रहे है। फरवरी की शुरुआत से ही तापमान में बढोत्तरी होनी शुरू हो गई थी। बढ़ते तापमान के चलते गेंहू की फसल पर विपरित असर पडऩे का पूरा खतरा बना हुआ है।
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