अलवर. भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की एकादशी सोमवार को जलझूलनी एकादशी के रूप में श्रद्धा के साथ मनाई गई। इसे डोला एकादशी के रूप में मनाया गया। श्रद्धालुओं ने एकादशी का व्रत किया और मंदिराें में एकादशी की कथा हुई। इस अवसर पर मंदिरों में विराजमान चल प्रतिमाओं व लडडू गोपाल जी को डोले के रूप में जल विहार के लिए मंदिरों से बाहर ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने दिन भर व्रत कर शाम को ठाकुर जी के दर्शन कर व्रत खोला। जलझूलनी एकादशी पर शुभ व मांगलिक मुहूर्त के चलते इस दिन कुआं पूजन, गृह प्रवेश आदि के शुभ व मांगलिक कार्य किए गए। साहू समाज अखैपुरा की ओर से सामूहिक डोले निकाले गए। जिसमें बैंडबाजे व डीजे के साथ महिलाएं भी अपने हाथों में लडडू गोपाल जी की प्रतिमाएं लेकर चल रही थी।