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भगवान जगन्नाथ पंचामृत स्नान कर 15 दिन के लिए चले गए गर्भ गृह में, देखे वीडियो

सरिस्का के नाम से पहचान रखने वाले जिला अलवर में जगन्नाथ महोत्सव शुरू हो गया है। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को पंचामृत स्नान कर 15 दिनों के लिए वे गर्भ गृह में चले गए। अब आषाढ शुक्ला प्रतिप्रदा को भगवान जगन्नाथजी गर्भ गृह से निकलकर भक्तों को दर्शन देंगे।

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राजगढ़ (अलवर). कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित जगदीशजी के मन्दिर में भगवान जगन्नाथजी को रविवार सुबह 108 कलशों एवं पंचामृत से स्नान कराया। इसी के साथ ही जगन्नाथ महोत्सव का कार्यक्रम शुरू हो गया है।

महन्त पूरणदास एवं मदनमोहन शास्त्री ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसी दिन भगवान जगन्नाथजी को स्नान के बाद गर्भ गृह में प्रवेश करा दिया गया। गर्भ गृह में प्रतिदिन भगवान जगन्नाथजी की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। 15 दिन बाद आषाढ शुक्ला प्रतिप्रदा को भगवान जगन्नाथजी गर्भ गृह से निकलकर भक्तों को 19 जून को दर्शन देंगे।

इसी दिन सुबह नौ बजे भगवान जगन्नाथ का नेत्रोत्सव का कार्यक्रम होगा। शाम 6 बजे जानकी मैया कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर से गाजे-बाजे के साथ गंगा बाग के मेला स्थल मन्दिर पहुंचेगी। जहां मन्दिर में सफाई तथा गणेशजी का पूजन कार्यक्रम होगा। इसके बाद जानकी मैया वापस चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर लौट आएगी। शास्त्री ने बताया कि 20 जून को शाम रात आठ बजे कस्बे के चौपड़ बाजार स्थित मन्दिर से रथ पर सवार होकर भगवान जगन्नाथजी जानकी माता को ब्याहने के लिए गंगाबाग प्रस्थान करेंगे। इसी के साथ ही गंगाबाग में सात दिवसीय मेले का आगाज होगा। इस दौरान 21 से 23 जून को भराभर का मेला, 24 जून को वरमाला महोत्सव, 27 को भगवान जगन्नाथजी जानकी संग विवाह रचा कर वापस चौप? बाजार स्थित मन्दिर लौट आएंगे।