अलवर. मत्स्य विश्वविद्यालय को नए भवन का परिसर तो मिल गया लेकिन यहां अभी परिसर में ऊबड़खाबड़ जमीन है। ऐसे लगता है कि शरीर पर कोढ़ हो गया हो। जंगली घास व पौधे उगे हैं। इसे देखकर लगता ही नहीं है कि विश्वविद्यालय यहां पर स्थापित हो रहा है।
अलवर. मत्स्य विश्वविद्यालय को नए भवन का परिसर तो मिल गया लेकिन यहां अभी परिसर में ऊबड़खाबड़ जमीन है। ऐसे लगता है कि शरीर पर कोढ़ हो गया हो। जंगली घास व पौधे उगे हैं। इसे देखकर लगता ही नहीं है कि विश्वविद्यालय यहां पर स्थापित हो रहा है।